फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

उत्तराखंड के चार दिवसीय दौरे में मोहन भागवत ने खाया केवल इनके घर का खाना, बहुत खास थी वजह

Mon, 11 Feb 2019 08:47 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 11 Feb 2019 08:47 AM IST
विज्ञापन
Rss chief Mohan bhagwat ate only workers house food in uttarakhand visit
मोहन भागवत

चार दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आए संघ प्रमुख मोहन भागवत भले ही अब लौट गए हों, लेकिन वे सबके दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ गए। इस दौरे के दौरान उन्होंने केवल इनके घर का ही खाना खाया। जिससे सब लोगों में संघर को लेकर काफी उत्साह नजर आया। आगे जानिए..

Rss chief Mohan bhagwat ate only workers house food in uttarakhand visit
देहरादून में मोहन भागवत

चार दिन के उत्तराखंड प्रवास के दौरान मोहन भागवत की ज्यादा से ज्यादा स्वयंसेवकों से सीधे जुड़ने की कोशिश रही। यही कारण रहा कि उन्होंने भोजन की एक नई व्यवस्था बनाई। उन्होंने व्यवस्था दी कि हर दिन कोई दो स्वयंसेवक अपने परिवार के साथ भोजन लेकर आएगा, वे उसे ही ग्रहण करेंगे। चार दिन तक कई स्वयंसेवकों को इस बहाने भागवत के साथ मिलने का मौका मिला।

Rss chief Mohan bhagwat ate only workers house food in uttarakhand visit
mohan bhagwat

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का चार दिनी उत्तराखंड प्रवास शुक्रवार को खत्म हो गया। दिल्ली लौटने से पहले संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को जो मंत्र दिया, उसमें हर बस्ती तक संघ की पहुंच पर जोर रहा। स्वयंसेवकों से भागवत ने कहा-एक भी बस्ती ऐसी न छूटे, जहां पर संघ न पहुंच पाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Rss chief Mohan bhagwat ate only workers house food in uttarakhand visit
mohan bhagwat

शाखाओं का तो विस्तार हो ही, चिकित्सा, शिक्षा, सेवा जैसे कार्यों का दायरा भी और फैला दिया जाए। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि उत्तराखंड में संघ का कार्य अच्छा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बेहतर काम किया जा रहा है।

विज्ञापन
Rss chief Mohan bhagwat ate only workers house food in uttarakhand visit
देहरादून में मोहन भागवत

तिलक रोड स्थित संघ मुख्यालय में प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में भागवत का जोर संघ के कामकाज, स्वयंसेवकों के आचरण, गतिविधियों के विस्तार जैसी बातों पर रहा। उन्होंने कहा कि संघ का दायरा फैला है, मगर इसके बावजूद कई बस्ती और क्षेत्रों तक पहुंचना अभी बाकी है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed