मंगलवार सुबह सवा चार बजे रोहित ने अपनी भाभी कुमकुम को फोन किया था, लेकिन उनकी भाभी ने फोन नहीं उठाया। शायद उस समय रोहित की तबियत खराब हुई होगी और वह भाभी को बताना चाहते थे, लेकिन वह फोन नहीं उठा पाईं। उनकी भाभी के अनुसार रोहित का फोन नहीं उठा पाने का उन्हें ताउम्र अफसोस रहेगा।
भाभी को रोहित बताना चाहते थे कोई बात, लेकिन आखिरी वक्त में कुमकुम नहीं उठा सकीं उनका फोन
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उज्ज्वला के भतीजे राजीव उर्फ पप्पू भईया और उनकी पत्नी कुमकुम दिल्ली में रोहित शेखर के साथ रहते हैं। कुमकुम ने बताया कि मंगलवार सुबह चार बजकर 15 मिनट के आसपास रोहित ने उन्हें फोन किया था, लेकिन वह फोन नहीं उठा पाईं। भाभी को जिंदगी भर मलाल रहेगा कि यदि वह फोन उठा लेतीं तो शायद समय रहते रोहित का इलाज हो जाता।
सोमवार शाम वह हल्द्वानी से दिल्ली के लिए चले थे और रात में दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी के आवास में पहुंचे। बताया जाता है कि रात काफी हो गई थी, पत्नी परेशान न हो इसलिए वह दूसरे कमरे में सो गए थे। कुमकुम ने आशंका जताई कि रात के समय अचानक उनकी तबियत खराब हुई होगी, लेकिन कमरे में कोई नहीं था।
दोपहर बाद भी जब वह कमरे से बाहर नहीं आए तो केयरटेकर गोलू ने कमरे में जाकर देखा, रोहित शेखर के मुंह से खून आ रहा था। उसने सभी को सूचना दी और आनन-फानन में परिजन उन्हें लेकर मैक्स अस्पताल भागे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि रविवार को हल्द्वानी में मां उज्ज्वला की तबियत खराब हो गई थी और हल्द्वानी के बृजलाल अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। इस दौरान रोहित ने ही दिल्ली के डॉक्टरों से यहां के डॉक्टरों से बात कराकर उनका उपचार कराया था। मां की तबियत ठीक होने के बाद ही सोमवार को वह दिल्ली गए थे और मां को दिल्ली के सरकारी कोठी तिलक लाइन में छोड़कर अपने आवास पर गए थे।