रामलीला और इसके किरदारों के बारे में तो आपने खूब सुना होगा, लेकिन देहरादून की पर्वतीय रामलीला सबसे हटकर है। इसकी खास बात यह है कि इस लीला में सचिवालय और विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी मंचन करते हैं। सुबह से शाम तक ये सभी पहले अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं और शाम होते ही किरदार में ढल जाते हैं।
रामलीला: सीएम के काफिले में चालक है ताड़का, देहरादून सचिवालय में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं रावण, ये भी खास किरदार
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दस साल से निभा रहे रावण का किरदार
संदीप ढैला विधानसभा में कंम्प्यूटर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। ये पिछले दस साल से रावण का किरदार निभा रहे हैं। यहां से पहले गांव में मंचन करते थे। बताया कि रात को देर से सोना होता है और फिर सुबह विधानसभा भी जाना होता है। एक साथ दोनों काम मुश्किल जरूर है, लेकिन प्रभु के आशीर्वाद से सब हो जाता है।
बिष्ट ताड़का के साथ मारीच का भी निभाते हैं किरदार
शेर सिंह बिष्ट मुख्यमंत्री की फ्लीट में ड्राइवर हैं। ये पिछले 14 साल से रामलीला में मंचन कर रहे हैं। बिष्ट इस बार ताड़का का किरदार निभा रहे हैं। इसके साथ ही मारीच का भी किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि काम के साथ प्रभु की लीला में रहने का अवसर मिल रहा है इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
असिस्टेंट मार्शल हैं रामलीला में बाणासुर
विधानसभा में असिस्टेंट मार्शल के पद पर कार्यरत संजय नैनवाल रामलीला में इस समय बाणासुर का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह को नौकरी के बाद रामलीला की तैयारी के लिए भी जाना होता है। दोनों काम बेहद जरूरी है। प्रभु की कृपा है आसानी से सब काम हो रहा है।
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रिटायर अनुभाग अधिकारी हैं दशरथ
कैलाश पांडे सचिवालय में अनुभाग अधिकारी के पद से रिटायर हैं। ये पिछले 14 साल से रामलीला में मंचन कर रहे हैं। कैलाश पांडे इस समय दशरथ का किरदार निभा रहे हैं। बताया कि दून से पहले पिथौरागढ़ में भी रामलीला का मंचन किए हैं।