राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क सिर्फ बाघों का ही नहीं बल्कि कई अन्य दुर्लभ प्रजातियों का भी सुरक्षित आशियाना है। यहां वन्य जीवों की दुर्लभ प्रजातियों तो पाई ही जाती हैं, साथ ही यहां पक्षियों का भी अनोखा संसार बसता है। पार्क में पक्षियों की करीब 315 प्रजातियां पाई जाती हैं। यही कारण है यह पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। यहां बर्ड वाॅचिंग की भी अपार संभावनाएं हैं।
PHOTOS: बाघों का आशियाना ही नहीं, पक्षियों का अनोखा संसार भी है राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क, जानें खास बातें
गिद्धों की तीन दुर्लभ प्रजातियां बनाती हैं यहां घोंसला
पार्क विलुप्त हो रहे गिद्धों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। पार्क प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यहां प्रमुखत: इजिप्शन, हिमालयन ग्रिफन व रेड हैड्ड (लाल गले वाला) गिद्ध की प्रजातियां पाई जाती हैं। प्रजनन के साथ ही यहां अपना घोंसला बनाते हैं। गिद्ध चुनिंदा स्थानों पर ही घोंसला बनाते हैं। जिनमें पार्क भी शामिल हैं।
हार्नबिल की पंसदीदा जगह है राजाजी पार्क
भारत, नेपाल, भूटान, दक्षिण पूर्व एशिया और सुमात्रा के जंगलों में पाए जाने वाली विशिष्ट प्रजाति की हार्न बिल पक्षी का भी पार्क पसंदीदा स्थान है। भारत में हार्नबिल की नौ प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से तीन प्रजातियां ग्रे हार्नबिल, पाइड हार्नबिल व विलुप्त प्राय ग्रेट हार्न बिल यहां पाई जाती हैं। उक्त प्रजातियां यहां अपना घोंसला भी बनाती हैं।
वन्य जीवों की इन प्रजातियों के लिए भी है पार्क प्रसिद्ध
पार्क क्षेत्र में एशियाई हाथी, तेंदुआ, किंग कोबरा, विलुप्त प्राय लक्कड़बग्घा, हिरन, सांभर, चीतल, काकड़,घुरल और नील गाय आदि भी पाई जाती हैं।
जंगल सफारी व बर्ड वाॅचिंग
पार्क की प्रमुख पर्यटन गतिविधियां जंल सफारी व बर्ड वाॅचिंग है। पार्क क्षेत्र में इन दोनों गतिविधियों का लुफ्त उठाया जा सकता है।