कुमाऊंभर में सोमवार को हुई ओलावृष्टि, बारिश और अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ है। कई जगहों पर बिजली गुल हो गई। पिथौरागढ़ में बारिश से कई घंटे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मुनस्यारी में भी बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से फल, सब्जियों को नुकसान हुआ है। अस्कोट में भी काफी बारिश हुई। डीडीहाट में डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। चंपावत में सोमवार को सुबह धूप खिली हुई थी, लेकिन दोपहर 12.30 बजे से एकाएक बादल छा गए और तेज बारिश होने लगी। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर चंपावत की पुरानी पुलिस चौकी के पास एक साइनबोर्ड अंधड़ के चलते गिर गया। इस दौरान वहां से गुजर रही एक महिला और एक बच्चा बाल-बाल बचे।
उत्तराखंडः ओलावृष्टि, बारिश, अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, उफनाई नदी, तस्वीरों में देखें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा में भी सोमवार की सुबह धूप खिली हुई थी। दोपहर बाद अचानक आंधी के साथ कुछ देर तेज बारिश हुई। अंधड़ के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। रानीखेत के ग्वाड़ स्टेट में 20 क्विंटल से अधिक मटर की तैयार फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। आम और अखरोट के बौर झड़ गए, खुबानी, पुलम और आड़ू पर भी ओलों की मार पड़ी। गगास घाटी में सब्जियों को खासा नुकसान हुआ है। बागेश्वर जिले में भी अंधड़ और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश हुई। तेज हवाएं चलने से बिजली के तार टूट गए और बिजली गुल हो गई। बागेश्वर में शनिवार से लगातार बारिश हो रही है। इससे सरयू और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
ओलावृष्टि से नैनीताल जिले में भीमताल, भवाली, धारी, रामगढ़, ओखलकांडा, बेतालघाट, गरमपानी, पतलोट, धानाचूली, पहाड़पानी में किसानों की गेहूं, मटर, जौ और फलों में आडू, पूलम, खुमानी, काफल, सेब को भारी नुकसान पहुंचा है। विधायक राम सिंह कैड़ा, भाजपा नेता तारादत्त पांडे और अन्य ने ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकासान का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है। कोटाबाग, कालाढूंगी, बैलपड़ाव, कमोला, धमोला क्षेत्र में आधा घंटे तक ओले गिरे। इस कारण गेहूं की फसल समेत आम, लीची के बौर को नुकसान हुआ है। नैनीताल में रविवार देर रात तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश से ठंड में इजाफा हो गया है। सोमवार को भी नगर में हल्की बारिश हुई।
इधर, तराई-भाबर में तेज हवाओं के साथ कुछ देर तेज बारिश हुई। बारिश के साथ दो-तीन मिनट तक ओले भी गिरे। इससे खेतों में कटे गेहूं को नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। बाजपुर में अंधड़ और बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। बन्नाखेड़ा और बेरिया दौलत क्षेत्र में भी ओले गिरे। गांव जोगीपुरा में एक घर की छत पर यूकेलिप्टिस का पेड़ गिर गया। इससे महिला समेत दो लोग चोटिल हो गए। गांव गोबरा में दो पेड़ों के गिरने की सूचना है। इधर, हल्द्वानी में भी आंधी के साथ पानी बरसा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने मंगलवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। 11 अप्रैल को मतदान के दिन भी अधिकतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है।
भीमताल (नैनीताल) में सोमवार शाम हुई मूसलाधार बारिश से जमरानी में गौला नदी उफना गई। इस कारण जमरानी क्षेत्र के भौर्सा, लूगड़, हैड़ाखान क्षेत्र में किनारे रह रहे मजदूरों की झोपड़ियों के बहने की सूचना थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। जमरानी क्षेत्र के भौर्सा, लूगड़ में पहाड़ में हुई बारिश के चलते पानी का स्तर बढ़ा था। पटवारी प्रमोद जोशी ने बताया कि क्षेत्र में कोई जान-माल की हानि नहीं हुई है। वहीं जमरानी के उप प्रधान डीके शर्मा ने भी क्षेत्र में किसी तरह की हानि नहीं होने की बात कही है।