नवग्रह मंडल के क्रूर कहे जाने वाले ग्रह राहू और केतु कुछ राशियों में बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। इससे संकट के बचने के तरीके पढ़ें...
नवग्रह मंडल के क्रूर कहे जाने वाले ग्रह राहू और केतु ने बृहस्पतिवार आधी रात को राशि परिवर्तन किया है। जब भी ऐसा हुआ है, धरती पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। वक्र गति चलते हुए इन दोनों का प्रवेश कर्क और मकर राशि में होने से ज्योतिषीय दृष्टि से चिंता का विषय बन गया है।
राहू, केतु, शनि और मंगल आकाश मंडल के क्रूर ग्रह माने गए हैं। ये ग्रह जब भी राशि बदलते हैं, धरती पर परिवर्तन होता है। संयोग यह है कि इस बार इन दोनों ने एक ही दिन अपनी राशि बदली है। राहू का प्रवेश कर्क राशि और केतु का प्रवेश मकर राशि में हुआ।
यह प्रवेश बृहस्पतिवार की अर्द्धरात्रि 3:52 बजे हुआ। इस समय को ज्योतिष शास्त्र में अर्द्धरात्रि के साथ-साथ ब्रह्ममुहूर्त भी कहा गया है, जबकि क्रूर ग्रहों के राशि परिवर्तन को मुहूर्त से नहीं जोड़ा जा सकता। इसका प्रभाव काफी संकटमय स्थिति पैदा कर सकता है।
ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि भारत की मकर लग्न की कुंडली है। यह कुंडली सत्ता पर भी प्रभाव डालती है। साथ ही आर्धिक नीति, जल नीति और समुद्र नीति को प्रभावित करती है। विभिन्न राशियों के अनुसार इस परिवर्तन का अलग- अलग असर समाज में पड़ने वाला है।