धनतेरस इस बार आगामी पांच नवंबर को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित हरिओम उनियाल के अनुसार, धनतेरस से पहले 31 अक्टूबर को कई सालों बाद बुध पुष्प नक्षत्र का योग बन रहा है। यह नक्षत्र बहुत ही शुभ नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में किया काम पूरी तरह से फलदायी होता है। पुष्य नक्षत्र को धनतेरस की तरह स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों का राजा है। यह 28 नक्षत्रों में 8वां नक्षत्र है और 12 राशियों में एकमात्र कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है।
धनत्रयोदशी: 31 अक्टूबर को सालों बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, करेंगे ये 5 काम तो दूर हो जाएगा धन का संकट
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 30 Oct 2018 08:51 AM IST
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