पुलवामा में सोमवार को आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की दूसरी बहन प्रियंका अमेरिका से बुधवार को दून पहुंची। घर के भीतर सन्नाटा था। दस माह पहले जिन चेहरों पर खुशी के भाव थे, आज वह मुरझाए हुए थे। प्रियंका की आंखों से आंसू बह रहे थे। दिल में रंज था कि अपने लाडले भाई विभू का चेहरा नहीं देख पाई।
शहीद मेजर विभूति की दूसरे नंबर की बहन प्रियंका अमेरिका में रहती हैं। उन्हें जब लाडले भाई की शहादत की सूचना मिली तो वह वापसी की कवायद में जुट गई। लेकिन, टिकट नहीं मिल पाया। एक दिन देर से फ्लाइट का टिकट मिला। बुधवार को वह घर पहुंची। लेकिन, माहौल देखकर सन्न थी। जुबां खामोश रह गई। जो भाई घर में दस महीने पहले चहकता हुआ घूम रहा था, आज उसकी यादें और एक कमरे के कोने में तस्वीर रखी थी। प्रियंका भाई की शहादत से सदमे में हैं।
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martyr major vibhuti wife
शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल आज देश के हीरो हैं। बुधवार को ऋषिकेश, हरिद्वार से लेकर कई शहरों से लोग शहीद के घर पहुंचे। दिनभर लोग घर का पता पूछ-पूछकर सांत्वना देने आए। शहीद मेजर विभूति के डंगवाल मार्ग स्थित घर के बाहर बुधवार को भी देशभक्ति का माहौल रहा। स्कूली बच्चे हों या आम आदमी। दिनभर उनके घर के बाहर से गुजरने वाले भारत माता की जय, मेजर विभूति अमर रहे के नारे लगाते हुए गुजरते रहे।
कमरे के कोने में रखी शहीद मेजर विभूति की तस्वीर के सामने ज्योत जल रही है। मुखाग्नि देने वाले चाचा जगदीश ढौंडियाल उदास बैठे हुए हैं। हर आने वाले का अभिवादन स्वीकार करते हैं और फिर खामोश हो जाते हैं। बोले- हमारे भीतर कहां हिम्मत थी। देश ने इस दुख को सहने की हिम्मत दी है। विभू वाकई देश का हीरो है। हमें उस पर नाज है। शहीद मेजर विभूति की पत्नी नितिका खुद को संभालने की कोशिश कर रही हैं।
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martyr major vibhuti dhaundiyal
बुधवार को कई लोग शहीद परिजनों को सांत्वना देने आए। हिम्मत के साथ नितिका कौल ने सभी से मुलाकात की। उनकी सांत्वना स्वीकार की। भीतर-भीतर नितिका को अपने हीरो मेजर की जितनी याद आ रही हो लेकिन बाहर से उन्होंने खामोशी ओढ़ ली है। इससे पूर्व नितिका ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि शादी के बाद पता चलता है कि प्यार क्या होता है। उन्होंने बताया कि चार साल पहले मेजर विभूति से उनकी मुलाकात हुई थी।