गैरसैंण में बजट सत्र के पहले ही दिन सदन के बाहर महासंग्राम छिड़ गया। देखिए...
गैरसैंण पर सदन के बाहर छिड़ा 'महासंग्राम', 500 से ज्यादा आंदोलनकारी गिरफ्तार, तस्वीरें
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गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग लेकर सड़क पर उतरे आंदोलनकारियों को पुलिस नियंत्रित नहीं कर पाई। पुलिस के पांच बैरियरों को तोड़ 200 से अधिक आंदोलनकारी जंगल के रास्ते विधानसभा तक पहुंच गए। पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मी अपना आपा खो बैठे। आंदोलनकारियों पर घूंसे बरसाने के साथ ही वे गाली गलौच पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने सरकार पर नागरिक अधिकार हनन का आरोप लगाया है। करीब पांच सौ आंदोलनकारियों को पुलिस ने अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया, लेकिन दिवालीखाल में मुख्य बैरियर पर देर शाम तक हंगामा होता रहा। कई आंदोलनकारी टॉवर पर चढ़े रहे।
स्थायी राजधानी की मांग को लेकर मंगलवार को आंदोलनकारियों के आगे पुलिस और प्रशासन की एक न चली। श्रीनगर और रुद्रप्रयाग से जाने वाले आंदोलनकारियों को पुलिस ने सुबह ही जंगलचट्टी और दिवालीखाल के बैरियर पर रोक दिया, लेकिन दोपहर को जैसे ही उक्रांद अध्यक्ष दिवाकर भट्ट, पूर्व अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी के नेतृत्व में गैरसैंण की ओर से यूकेडी कार्यकर्ता और संघर्ष समिति के आंदोलनकारी पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने घुटने टेक दिए।
आंदोलनकारियों ने कालीमाटी में बने दो बैरियर तोड़ दिवालीखाल के पुख्ता इंतजामों को भी ध्वस्त कर दिया। इसके बाद जंगल के रास्ते पैदल चलकर आंदोलनकारी प्रवीण सिंह, दर्शन मठपाल, गैरसैण की प्रमुख सुमति बिष्ट, सरोज शाह, कमला पंवार सहित कई महिला आंदोलनकारी और यूकेडी कार्यकर्ता विधानभवन तक पहुंच गए। पुलिस ने आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर मालसी जेल भेज दिया। प्रदर्शन करने वालों में संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारू तिवारी, मोहित डिमरी, दीपक बेंजवाल, धनीराम, सुरेंद्र सिंह बिष्ट सहित कई लोग शामिल थे।
स्थायी राजधानी की मांग को लेकर स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष सिमित के नौ आंदोलनकारी दिवालीखाल में बने एफएम टॉवर पर चढ़ गए। करीब दोपहर डेढ़ बजे से आंदोलनकारी देवेंद्र बल्ली, नारायण सिंह रावत, मनीष सुंदरियाल, रमन चंदोला, मोहन शर्मा, कुलदीप, राकेश उप्रेती, जसवंत दिवालीखाल के एफएम रेडियो टॉवर पर चढ़ गए। दो घंटे बाद आंदोलनकारी हरीश पंत टॉवर पर चढ़े आंदोलनकारियों के लिए पानी लेकर टॉवर पर चढ़े और फिर उन्होंने टॉवर पर ही अनशन करने की चेतावनी दे दी। देर शाम तक सभी नौ आंदोलनकारी टॉवर पर ही चढ़े थे। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक राजधानी की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होती, वे टॉवर से नीचे नहीं उतरेंगे।