शायद इस बार पुलिस का पाला शातिर लुटेरों से पड़ा है। लुटेरों का दुस्साहस हैरान करने वाला है। बदमाशों ने खूब दिमाग चलाकर पुलिस को गली-गली दौड़ने को मजबूर कर दिया। लुटेरे कई ऐसी गलियों से होकर गुजरे, जो पुलिस ने कभी देखी ही नहीं। बदमाशों ने गली-गली घूमने का ऐसा जाल बुना कि पुलिस उसमें उलझकर रह गई। थक-हारकर अधिकारी यह कहने को मजबूर हैं कि लूट में शामिल बदमाशों की सोच पुलिस से एक कदम आगे है।
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देहरादून में लूट
- फोटो : अमर उजाला
हम बात कर रहे हैं सरस्वती विहार में सिद्धार्थ ज्वैलर्स में दस लाख रुपये के गहनों की लूट के मामले की। बदमाशों ने पहले तो दुकान मालिक और उसके बेटे को पिस्तौल के निशाने पर लेकर दुस्साहसिक ढंग से वारदात को अंजाम दिया और फिर पुलिस को हर कदम पर मात दी। अमूमन घटना के बाद बदमाशों की प्राथमिकता से जल्द से जल्द सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने की रहती है, लेकिन इन लुटेरों ने घटना के बाद पूरा फोकस इस बात पर किया कि पुलिस को कैसे अपने चक्रव्यूह में फंसाकर मात दी जाए।
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देहरादून में लूट
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शायद वो सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से पूरी तरह परिचित थे। यही वजह थी कि बदमाशों ने खुद को छिपाने के लिए हेलमेट के साथ टोपी और मास्क का प्रयोग किया। बदमाशों ने भागने के लिए इतनी गलियों का इस्तेमाल किया कि पुलिस भी चकरा गई। लुटेरे एक गली से दूसरी में घूमते रहे और पुलिस इस चक्रव्यूह में उलझ गई। कुछ गलियां तो ऐसी थीं, जिनसे पुलिस का कभी वास्ता नहीं पड़ा था। अमर उजाला से बातचीत में एक पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया ये बदमाश काफी शातिर हैं। इन्हें पकड़ना पुलिस के लिए एक चुनौती है।
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देहरादून में लूट
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सिद्धार्थ ज्वैलर्स में लूटपाट के दौरान बदमाशों की पूरी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस फुटेज को लेकर बेहद उत्साहित थी। लेकिन, फुटेज में बदमाशाें की साफ तस्वीर नहीं मिल सकी है। अन्य कैमरों में बदमाश बाइक पर भागते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे से मदद से बदमाशों तक पहुंचने की योजना पर पानी फिरता दिख रहा है।
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देहरादून में लूट
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सिद्धार्थ ज्वैलर्स में लूटपाट करने वाले बदमाशाें की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हैं। वे ज्यादा दिन तक कानून से भाग नहीं पाएंगे। पुलिस ने शहर के अलावा आसपास के जिलों में सक्रिय बदमाशों पर शिकंजा कस दिया है।
-निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक