उत्तराखंड के एक शिक्षक की मुहिम पीएम नरेंद्र मोदी को भा गई। उन्होंने जब इसके बारे में सुना तो तुरंत शिक्षक के बारे में जानकारी निकलवाई और खत लिखकर अपने मन की बात कही।
जलवायु परिवर्तन के दौर में फोरेस्ट कवर बढ़ाने के लिए हर तरफ से कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के मैती आंदोलन से बहुत प्रभावित हुए हैं। इस आंदोलन के तहत विवाह के वक्त एक पौधा रोपने की परंपरा है।
पीएम मोदी ने इस संबंध में आंदोलन के प्रणेता कल्याण सिंह रावत को शुभ कामनाएं दीं और इसे पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन के लिए प्रशंसनीय परंपरा और मौजूदा वक्त की जरूरत बताया।
चमोली जिले से शुरू हुआ मैती आंदोलन उत्तराखंड के अलावा देश अन्य राज्यों और विदेशों में भी चल रहा है। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव उजागर होने के बाद इस आंदोलन को और गति मिल गई है। लोग इससे जुड़ रहे हैं।
पीएम मोदी ने आंदोलन के प्रणेता सेवानिवृत्त शिक्षक रावत को लिखा है कि प्रकृति के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधी ही हमारे जीवन का आधार है। पर्यावरण के प्रति हर एक देशवासी संवदेनशील और जागरूक बना जाएं, तो चुनौतियों का अस्तित्व स्वयं ही समाप्त हो जाएगा। रावत ने प्रधानमंत्री का सराहना पत्र मिलने पर पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इससे मैती आंदोलन को लेकर लोगों को और प्रेरणा मिलेगी।