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PICS: जहां कभी बसती थी एक 'दुनिया', वहां का आज नामो निशां तक बाकी नहीं

Fri, 05 May 2017 05:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 05 May 2017 05:49 PM IST
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photos of rambada in kedarnath

तीर्थयात्रियों का आवागमन केदारघाटी में अब शुरू हो गया है। लेक‌िन यहां एक गांव ऐसा था ज‌िसका उत्तराखंड में आई भीषण तबाही में नामो न‌िशान तक म‌िट गया। आइए हम आपको बताते हैं क‌ि कैसा द‌िखता था ये गांव।

photos of rambada in kedarnath

गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर इसी जगह कभी आबाद बस्ती रामबाड़ा हुआ करती थी। आपदा के बाद इसका नामो-निशान नहीं बचा। जिसने रामबाड़ा देखा था उसे विश्वास नहीं हो रहा और जिसने नहीं देखा, वह मानने को तैयार ही नहीं कि जिन चट्टानों के बीच मंदाकिनी शांत रूप में बह रही है।

photos of rambada in kedarnath

यहां कभी खुशहाल बस्ती हुआ करती थी। देखने वाले तो बस यही कह रहे हैं कि कुदरत ने यहां का भूगोल क्या बदला क‌ि रामबाड़ा इतिहास बनकर रह गया। 16-17 जून को आई आपदा ने पूरी मंदाकिनी घाटी को हिला कर रख दिया था। 

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photos of rambada in kedarnath

घर, बाजार, खेत-खलिहान सब तबाह हो गए। इन्हीं में रामबाड़ा नामक केदारनाथ पैदल मार्ग का वह महत्वपूर्ण पड़ाव भी था, जिसका आज कहीं नामो-निशान तक नहीं है। यहां गढ़वाल मंडल विकास निगम का होटल, बाबा काली कमली वाले की धर्मशाला समेत दर्जनों होटल और धर्मशालाएं थीं। 

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photos of rambada in kedarnath

यहां ढाई सौ से अधिक दुकानें भी हुआ करती थी। यात्रा के दौरान यहां पांच हजार से अधिक यात्री रोजाना रात्रि विश्राम के लिए रुकते थे। उस दिन मंदाकिनी ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि सबकुछ नेस्तनाबूद हो गया। रामबाड़ा इतिहास के पन्नों में दफन होकर रह गया।

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