उत्तराखंड के चमोली जनपद में अतिवृष्टि से आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जनपद में तीन जगहों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। घाट पुराने बाजार में एक मकान में सो रहे दादा और नाती नंदाकिनी नदी में बह गए हैं। जबकि घाट ब्लॉक के ही जाखणी गांव में दो नेपाली मजदूरों सहित पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। दशोली ब्लॉक के सिरों गांव में अखोड़ी गदेरे के ऊफान में दो युवकों की जान चली गई है।
तस्वीरें: चमोली में तीन जगह बादल फटा, बारिश बन गई काल
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photos of cloudburst in chamoli
- फोटो : amar ujala
गुरुवार रात नौ बजे से हो रही बारिश शुक्रवार को भी दिनभर जारी रही। भारी बारिश को देखते हुए ग्रामीण दहशत में हैं। बदरीनाथ हाईवे के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे और धामों के दर्शनों को जा रहे करीब तीन हजार तीर्थयात्रियों को जगह-जगह सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया है। दशोली ब्लॉक के सिरौं गांव, घाट ब्लॉक के जाखणी गांव और बदरीनाथ हाईवे पर रुईगाड गदेरे में बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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सिरौं गांव के बीचों-बीच स्थित अखोड़ी गदेरे में सुबह पांच बजे बादल फटा, जिससे गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे के तेज उफान में गांव के मनोहर सिंह झिंक्वाण (30) पुत्र मोहन सिंह और जयप्रकाश (36) पुत्र दर्शन सिंह बह गए। पुलिस ने दोनों का शव बरामद कर लिया है। घाट पुराने बाजार में नंदाकिनी के उफान पर आने से घूनी गांव निवासी रामचंद्र (80) और उनका नाती योगेश्वर प्रसाद (18) पुत्र सुंदरमणि आवासीय मकान समेत बह गए हैं। दोनों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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घाट ब्लॉक के जाखणी गांव में भी चार लोगों के बहने की सूचना है। यहां बीरबल, राजेश्वरी देवी पत्नी बीरबल, अब्बल सिंह और दो नेपाली मूल के मजदूर मलबे में जिंदा दफन हो गए हैं। इसी ब्लॉक के वादुक गांव में ग्रामीण सुरेंद्र सिंह आवासीय भवन के क्षतिग्रस्त होने से मलबे में दब गया है।
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घाट पुराने बाजार में शंभू प्रसाद, बदरी प्रसाद, कुंवर राम और हिम्मत सिंह के मकान भी नंदाकिनी नदी में बह गए। कुमजुग गांव के कुमारतोली तोक में नंदाकिनी नदी से करीब 12 मकान मलबे में दब गए हैं। गांव में स्थित सरस्वती विद्या मंदिर का भवन भी मलबे में दब गया है। गांव के ग्रामीण बुद्धिराम, गुड्डूराम, मंजू, संदीप, महावीर, नंदी देवी, सीता देवी और बंशीराम को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित निकाल दिया है।