देहरादून के त्यूनी क्षेत्र स्थित गोरछा गांव से तीन किमी दूर घने जंगल में मिली प्राचीन गुफा के प्रति स्थानीय लोगों की श्रद्धा बढ़ती जा रही है। सोमवार को बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने यहां धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।
अनुष्ठान में गोरछा के साथ ही बाइला, पिंगुवा, बुरास्वा, बागणी, डीडा, बुल्हाड़, नोहरा समेत आसपास के गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। स्थानीय लोग इस पांडव काल की मान रहे हैं।
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longest cave in tiuni
- फोटो : AmarUjala
पंडित जेएस शास्त्री ने विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया। महासू देवता मंदिर समिति बुल्हाड़ के अध्यक्ष प्रताप रावत और पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह रावत ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुफा के दर्शन को आ रहे हैं। यहां मौजूद सैकड़ों शिवलिंग की पूजा-अर्चना का दौर जारी है।
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स्थानीय लोगों का मानना है कि गुफा का इतिहास पांडव काल से जुड़ा हुआ है। जिसके चलते गुफा के प्रति उनकी आस्था तेजी से बढ़ रही है। लोगों ने गुफा को धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल की श्रेणी में शामिल करने की मांग की है। मौके पर पूरण सिंह, सरदार सिंह, केशर सिंह, मान सिंह, भूप सिंह, हरीश, प्रताप रावत, नंदा दास मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि बीते 22 नवंबर को गांव से दूर घने जंगल में चरवाहों को प्राचीन गुफा मिली थी। गुफा के अंदर शिवलिंग जैसी कई आकृतियां हैं, जिन पर लगातार पानी टपकता रहता है।