सरकार ने बैंक ट्रांजेक्शन के कुछ नियम बदल दिए हैं। इन नियमों पर अगर खाताधारकों ने ध्यान नहीं दिया तो उनकी मेहनत की कमाई बर्बाद हो सकती है।
{"_id":"5a66b70b4f1c1b82268b5d1e","slug":"new-rule-of-money-transaction-in-bank","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ये हैं बैंक मनी ट्रांजेक्शन के नए नियम, अगर ध्यान नहीं दिया तो हो जाएंगे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये हैं बैंक मनी ट्रांजेक्शन के नए नियम, अगर ध्यान नहीं दिया तो हो जाएंगे परेशान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 08 Feb 2018 07:38 AM IST
विज्ञापन
क्राइम
- फोटो : amar ujala
Trending Videos
black money
ब्लैकमनी पर मोदी सरकार लगातार कई बड़े फैसले ले रही है। अब इन नए नियमों के तहत इनकम टैक्स विभाग आपके तमाम ट्रांजैक्शन पर नजर रख रहा है। जिसके बाद अब आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय कुछ सावधानी बरतनी होगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
नियमों के तहत अगर आप बैंक में एक फाइनेंशियल ईयर में एक या कई अकाउंट में कुल 10 लाख रुपए या इससे अधिक कैश जमा कराते हैं तो इस बात की जानकारी बैंक इनकम टैक्स विभाग को देगा। इस पर इनकम टैक्स विभाग आपसे पूछताछ कर सकता है। अगर एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख रुपए या इससे अधिक फिक्स्ड डिपॉजिट किया गया है तो भी बैंक यह जानकारी इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
money
बैंक को 1 लाख रुपए इससे अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट की जानकारी भी इनकम टैक्स विभाग को देनी होगी। इसके अलावा एक फाइनेंशियनल ईयर में 10 लाख रुपए या इससे अधिक का क्रेडिट कार्ड ड्यू सेटल करने के लिए किसी भी मोड चेक, ऑनलाइन या कैश से किए गए पेमेंट की जानकारी बैंक को इनकम टैक्स विभाग को देनी होगी। इनकम टैक्स विभाग ने बैंकों को निर्देश दिया है कि 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के बीच अगर कोई व्यक्ति 1 या अधिक अकाउंट 2.5 लाख रुपए या इससे अधिक जमा कराता है तो बैंकों को इसकी जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन
money
नोट बंदी के बाद करंट अकाउंट में अगर किसी व्यक्ति ने 12.5 लाख रुपए या इससे अधिक कैश जमा कराया है तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देनी होगी। इनकम टैक्स विभाग की ओर से जारी किए नोटिफिकेशन के अनुसार अगर किसी ने 1 अप्रैल 2016 और 9 नवंबर 2016 के बीच कैश जमा कराया है ओर यह रकम इस इनकम टैक्स विभाग को रिपोर्ट की जाने वाली रकम के दायरे में आती है तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को 31 जनवरी 2017 तक देनी थी।