उत्तराखंड में आद्य शक्ति मां भुवनेश्वरी का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां देवी प्रतिमा के स्थान पर लिंग पूजा होती है। इस लिंग को श्रृंग भी कहते हैं। लोक मान्यता है कि यह श्रृंद अनादि काल से यहां स्थित है। यह श्रृंग सृष्टि के अंत में भी अपने स्थान पर रहेगा। भुवनेश्वरी मंदिर में पूजा की प्राचीन परंपराएं आज भी चली आ रही हैं। मां भुवनेश्वरी देवी के मंदिर में श्रद्धापूर्वक पुष्प चढ़ाने और पूजा अर्चना के बाद धर्म, अर्थ, काम और अंत में मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।
एकमात्र मंदिर जहां नवरात्र में देवी की प्रतिमा नहीं, शिव लिंग की होती है पूजा, जानिए महत्व
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी
Updated Mon, 25 Sep 2017 08:33 AM IST
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