देवभूमि उत्तराखंड की बेटी राखी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दिया जाएगा।
पौड़ी जिले की ग्राम देव कुंडई निवासी 11 वर्षीय राखी रावत पुत्री दलवीर सिंह रावत चार अक्टूबर 2019 को अपने चार साल के भाई राघव और मां के साथ खेत में गई थी। लौटते वक्त राखी भाई के साथ आगे चल रही थी और मां शालिनी देवी पीछे थीं। तभी गुलदार ने राखी के भाई पर हमला कर दिया।
राखी ने साहस दिखाया और भाई को गुलदार से बचाने के लिए राखी उससे लिपट गई। गुलदार के पंजों और नाखूनों से लहूलुहान होने के बावजूद राखी ने भाई को नहीं छोड़ा। पीछे आ रही मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर गुलदार जंगल की ओर भाग गया।
इसके बाद गुलदार हमले में बुरी तरह घायल राखी का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कराया गया। यहां 15 दिनों तक राखी का इलाज चला। राखी के सिर में 45 टांके लगे। लेकिन इसके बाद भी राखी के हौसला कम नहीं है। अमर उजाला ने उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा किसी भी बच्चे का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नहीं भेजने पर सवाल खड़ा किया था।
जिसके बाद परिषद ने राखी का नाम पुरस्कार के लिए परिषद को भेजा और अब वह राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होंगी। राखी राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरकंडाई में कक्षा पांच की छात्रा है। वह होनहार छात्रा है। वह हर साल कक्षा में प्रथम श्रेणी में पास होती है। राखी का कहना है कि वह सेना में जाकर देश सेवा करना चाहती है।