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उठ गया राज से पर्दा, तो इसलिए कट रही है महिलाओं की चोटी!
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर
Updated Thu, 17 Aug 2017 09:04 AM IST
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choti
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में एक के बाद एक सामने आ रही चोटी कटने की घटनाओं से महिलाओं और लड़कियों में डर का माहौल है। लेकिन अब चोटी कटने के इस राज से पर्दा उठ चुका है। जानिए...
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choti cut
मनोवैज्ञानिक डॉ. नेहा शर्मा का कहना है कि महिलाओं की चोटी कटने की घटनाओं का कारण मास हिस्टीरिया है। अंतर्द्वंद्व के चलते व्यक्ति का मन वही क्रिया करता है जिसका प्रभाव उसके मनोमस्तिष्क पर होता है।
women choti cut in uttarakhand
- फोटो : amarujala
हल्द्वानी स्थित मनसा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की मनोचिकित्सक नेहा शर्मा ने बताया कि चोटी काटे जाने की घटनाएं आजकल मीडिया में खूब प्रचारित हो रही हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाओं के मन में इन्हें लेकर अंतर्द्वंद्व चलता है। वह इस स्थिति में सुधबुध खो बैठती हैं और अनजान भय से खुद अपने ही हाथों अपनी चोटी काट रही हैं।
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ऐसे मरीज मानसिक अवसाद में रहते हैं। उन्हें अवसाद की स्थिति से निकलने के लिए मनौवैज्ञानिक से परामर्श लेना चाहिए। डॉ. नेहा ने कहा हिस्टीरिया एक से दूसरे में संचारित होता है।