नए मोटर वाहन अधिनियन लागू होते ही देहरादून में प्रदूषण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस के लिए लोग का हुजूम उमड़ रहा है। बुजुर्ग हो या युवा या महिला या तो प्रदूषण जांच केंद्रों के बाहर लाइन लगाए खड़े मिल रहे हैं, या आरटीओ और इंश्योरेंस कार्यालयों पर। सबसे ज्यादा मारामारी प्रदूषण जांच के लिए मची है।
2 of 7
जांच केलिए लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
जांच केंद्रों पर सुबह पांच बजे से लोग टोकन लेने के लिए खड़े हो जा रहे हैं। सात से आठ घंटे इंतजार के बाद ही प्रमाणपत्र बन पा रहे हैं। सरकार की ओर से पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण जनता सड़कों पर परेशान व लाचार घूम रही है। अधिनियम के तहत फिलहाल प्रदेश में अभी तक कोई भी चालान नहीं हुआ है।
3 of 7
जांच केलिए लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन नए अधिनियम में जुर्माने की राशि में भारी-भरकम बढ़ोत्तरी करने के चलते अब सड़क पर चलने के कायदे-कानून भी लोगों को याद आने लगे हैं। इसलिए तो अभी तक बिना लाइसेंस, इंश्योरेंस, टैक्स, प्रदूषण जांच के सड़कों पर फर्राटे भरने वाले सड़क,आरटीओ और इंश्योरेंस के दफ्तरों में घंटों लाइन लगाकर खड़े हैं।
4 of 7
जांच केलिए लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा मारामारी अगर किसी के लिए वह है प्रदूषण जांच के लिए। मंगलवार को जब विभिन्न जांच केंद्रों पर जाकर स्थिति का आंकलन किया गया तो स्थिति विकट नजर आई। विकट इसलिए कि दून में मात्र 19 केंद्रों पर ही प्रदूषण की जांच चल रही है।
5 of 7
जांच केलिए लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
फार्म न होने के कारण कुछ जांच केंद्र बंद भी रहे। जबकि दून में लाखों की संख्या में वाहन हैं। अधिनियम के बनने से पूर्व शायद ही किसी ने अपने वाहनों की प्रदूषण की जांच की हो। इसलिए हर कोई इस समय जांच केंद्रों पर तड़के पांच बजे ही पहुंच जा रहे हैं।