एक ओर जहां राजनीति लोगों को कौम में बांटकर मानवता की दीवार खड़ी करती दिखाई देती है, वहीं यूपी के बुलंदशहर के समीप मंदिर के पुजारी ने मुस्लिम भाइयों को मंदिर परिसर में नमाज पढ़वाकर एकता और भाईचारे की मिसाल कायम की है। राम-रहीम को एकसूत्र में पिरोने वाले इस वाकये में शामिल रहे क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोग पुजारी के व्यवहार की तारीफ करते नहीं अघा रहे हैं।
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मंदिर में नमाज पढ़ते अकीदतमंद
मजहबी कार्यक्रम इज्तमा में जाते समय घटित इस वाकये की चर्चा हर ओर है। सोशल मीडिया पर भी मंदिर में नमाज की फोटो जमकर वायरल हो रही है। नारसन क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव निवासी अय्यूब अंसारी ने बताया कि वे शनिवार को 10-15 लोगों के साथ एक ट्रक में बैठकर बुलंदशहर में आयोजित इज्तमा में शामिल होने जा रहे थे।
जैसे ही दोपहर के समय वे जैनपुर गांव के समीप पहुंचे तो उनका ट्रक जाम में फंस गया। तब तक दोपहर की नमाज का समय हो गया था। लिहाजा उनका दल सड़क के पास स्थित एक शिव मंदिर के आसपास नमाज के लिए जगह तलाशने लगा। इसी दौरान मंदिर के पुजारी की नजर उन पर पड़ी। पुजारी ने उनसे पूछा तो उन्होंने अपने मन की बात बता दी।
इस पर पुजारी ने कहा कि आप चिंता न करें और मंदिर परिसर में ही नमाज अदा कर सकते हैं। इतना ही नहीं पुजारी और ग्रामीणों ने वजू के लिए पानी की व्यवस्था भी कराई। इसके बाद इन लोगों ने मंदिर के परिसर में नमाज अदा की। ग्रामीणों ने मुस्लिम भाइयों को खाने की चीजें और पानी भी दिया।
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मंदिर में नमाज पढ़ते अकीदतमंद
अय्यूब अंसारी ने बताया कि उनके साथ दल में मंगलौर के सलमान और अमजद भी थे। अय्यूब ने फोन पर अमर उजाला से बताया कि जैनपुर के ग्रामीणों के इस भाव ने उनका दिल जीत लिया है। पुजारी समेत ग्रामीणों ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की है। इज्तमा में जा रहे मुस्लिम भाइयों को खाना पानी देकर मानवता का सर ऊंचा किया है।