देवभूमि की शांत वादियों में 06 फरवरी को हुए मर्डर ने हर किसी के मन में खौफ भर दिया। इतना ही नहीं इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों की भी रूह कांप गई। इस हत्याकांड ने मां की ममता को भी तार-तार कर दिया। आप भी पढ़िए उत्तराखंड में हुए सबसे चर्चित मर्डर केस के बारे में...
देहरादून में एक सौतेली मां ने बेटी के दो टुकड़े कर डाले और हत्या कर शव को तीन दिन तक बाथरूम में छुपाए रखा। मां शहर कोतवाली के अंसारी रोड निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे स्वर्गीय इंद्रपाल सिंह की पोती प्राप्ति सिंह (24) अपनी सौतेली मां मीनू कौर के साथ रहती थी। सिंह के बेटे और प्राप्ति के पिता अजित सिंह की भी 2016 में मौत हो गई थी।
अक्सर दोनों मां-बेटी में किसी ना किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। आठ फरवरी को मीनू कौर ने पटेलनगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि सात फरवरी की सुबह वह बेटी प्राप्ति सिंह को दिल्ली के लिए आईएसबीटी पर बस में बैठाकर गई थी। रास्ते में दो बार बात भी हुई, मगर उसके बाद से प्राप्ति सिंह का कुछ नहीं पता। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बात की तो मीनू कौर शक के दायरे में आई।
मीनू कौर को पटेलनगर थाने लाकर बातचीत की गई तो उसने पुलिस को गुमराह करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। तीन घंटे की लंबी पूछताछ में मीनू कौर को पुलिस के सामने टूटने में देर नहीं लगी। इंस्पेक्टर पटेलनगर रितेश शाह मीनू कौर को लेकर कोठी पर पहुंचे, जहां बाथरूम के पीछे बनी गैलरी में छिपाई गई प्राप्ति सिंह की लाश बरामद करा दी।
प्राप्ति सिंह का शव दो टुकड़ों में था। शव को चादर में लपेटने के साथ रस्सी में बांधा गया था। मौके से ही खून से सनी ईंट, खुखरी के अलावा खून से सना तकिया आदि सामान बरामद हो गया। हालांकि तीन दिन होने के कारण कमरे से पूरा खून साफ कर दिया गया था। सौतेली बेटी को लेकर मीनू कौर के दिल में कितनी नफरत थी, इसका अंदाजा कत्ल को अंजाम देने के तरीके से लगाया जा सकता था।