उत्तराखंड के कुमाऊं में बृहस्पतिबार को भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न हिस्सों में बृहस्पतिवार को भी भारी बारिश हुई। बारिश के दौरान नाचनी हरड़िया नाले से रामगंगा नदी में आए मलबे के चलते आधे घंटे तक नदी का प्रवाह रुका रहा और यहां पर झील बन गई।
मुनस्यारी के एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि मलबे से कुछ देर के लिए झील बन गई थी। अब दिक्कत नहीं है। नदी का प्रवाह पहले की तरह सामान्य हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर चल रही हैं। काली नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। नदियों का जल स्तर बढ़ने से लोग सहमे हुए हैं।
चंपावत में भी दिनभर धूप और बारिश में आंख-मिचौली होती रही। चंपावत में दो मिलीमीटर बारिश हुई। अल्मोड़ा और बागेश्वर में कुछ देर हल्की बारिश हुई है। इधर रामनगर में बारिश से कोसी नदी के तेज बहाव में बृहस्पतिवार को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के रामनगर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी का वाहन फंस गया। वनकर्मियों ने आसपास के ग्रामीणों की सहायता से वाहन को नदी से निकाला।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के रेंजर हरेंद्र रावत चार वनकर्मियों के साथ बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे कठियापुल गेट पर गश्त कर रहे थे। कोसी पार करते समय उनकी बोलेरो एक गड्ढे में फंस गई और नदी का बहाव लगातार बढ़ रहा था। पानी का बहाव तेज होने पर गाड़ी अनियंत्रित होने लगी, जिससे गाड़ी में बैठे वनकर्मियों में हड़कंप मच गया। बाद में वनकर्मी वाहन से उतरे और आसपास के ग्रामीणों को बुलाया।
ग्रामीणों ने नदी में उतरकर वाहन को धक्का देकर नदी से बाहर निकाला। तब जाकर रेंजर और वनकर्मियों ने राहत की सांस ली। जिले में बारिश के चलते नई बस्ती के पास भारी मलबा आने से थल-मुनस्यारी सड़क के साथ ही जिले की चार आंतरिक सड़कें बंद हो गई हैं।