माघ मास में आने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस बार अमावस्या चार फरवरी को है। जिस कारण यह अति महत्वपूर्ण है।
पंडित रमेश सेमवाल ने बताया कि अमावस्या तिथि तीन फरवरी की रात 11 बजकर 50 मिनट से ही प्रारंभ हो जाएगी जो कि पांच फरवरी को रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी।
सूर्योदय काल चार फरवरी को होगा इसलिए स्नान दान करना चार फरवरी को ही शुभ होगा। इस बार अमावस्या सोमवार का दिन होने से इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। वहीं इस दिन महोदय और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं।
पंडित सेमवाल का कहना है कि मौनी अमानस्या पर मौन रहने से पुण्य लौक की प्राप्त होती है। प्रात: स्नान करने और सूर्य को दूध, तिल से अर्घ्य देना विशेष लाभकारी होता है। चार फरवरी को मौनी अमावस्या का पूर्ण काल प्रात: सूर्योदय से लेकर सायंकाल सूर्यास्त तक है। इस दिन अन्न, वस्त्र और स्वर्ण का दान अक्षय फल देना वाला होगा।
इस दिन ये उपाय करने चाहिए...
- परेशानियों का अंत करने के लिए स्नान करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं। किसी तालाब या नदी में जाकर ये आटे की गोलियां मछलियों को खिला दें।
- मनोकामना पूरी करने के लिए अमावस्या के दिन चींटियों को शक्कर मिल हुआ आटा खिलाएं। इससे आपकी होगी।