बेटे के शहीद होने की खबर सुनते ही पूरे गांव में पसरा मातम, तस्वीरें भावुक कर देंगी
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उत्तराखंड में ऊखीमठ ब्लाक के कालीमठ घाटी के कबिल्ठा गांव निवास 6-गढ़वाल रायफल में तैनात मानवेंद्र सिंह रावत जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में गुरुवार को आतंकियों के साथ लोहा लेते हुए शहीद हो गए। सेना के जवानों ने 2 आतंकियों को ढेर कर दिया।
मुठभेड़ में मानवेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। वहीं गुरुवार सुबह उन्होंने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद इसकी सूचना घरवालों को दी गई।
सूचना मिलने के बाद बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, मायके गई पत्नी को भी वापस कबिल्ठा बुलाया गया। घर-परिवार में सब बेसुध पड़े हैं। शहीद के चाचा दिलवर सिंह रावत ने बताया कि मानवेंद्र बचपन से ही हंसमुख व्यवहार के थे।
मानवेंद्र सिंह के दोनों बच्चे जान्हवी और अनुराग घर के माहौल को देखकर अपनी मां, दादा व दादी से बार-बार सवाल पूछ रहे हैं, कि तुम रो क्यों रहे हो। मोबाइल पर अपने पिता की फोटो को देख रहे हैं। लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि पिता अब कभी नहीं लौटेंगे।