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बेटे की शहादत पर गर्व से भर गए पिता, बालाकोट एयर स्ट्राइक में दिखाई थी बहादुरी, दो बहनों के थे इकलौते भाई

Tue, 07 Apr 2020 07:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 07 Apr 2020 07:54 PM IST
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Martyr Amit Anthwal Father Feel proud on Son Funeral Funeral in pauri, He was in Balakot Air Strike, only Brother of two sisters
- फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के शहीद अमित अण्थवाल की शहादत पर पौड़ी के कल्जीखाल की कफोलस्यूं पट्टी के समस्त गांवों में देशभक्ति की अलख देखने को मिली। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले ही क्षेत्र के लोग गांव में एकजुट हो गए थे। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरा कोला गांव भारत माता के जयकारों से गूंजने लगा। माता-पिता व परिजनों की आंखें नम थी। लेकिन उनके चहरे की चमक कुछ अलग की कहानी बयां कर रही थी। 

Martyr Amit Anthwal Father Feel proud on Son Funeral Funeral in pauri, He was in Balakot Air Strike, only Brother of two sisters
- फोटो : अमर उजाला

बेटे को तिरंगे में लिपटा देख पिता गर्व से भर गए। शहीद अमित अण्थवाल बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा रहा। राज्यमंत्री राजेंद्र अण्थवाल ने बताया कि 26 फरवरी 2019 को भारतीय सेना ने पाक नियंत्रण क्षेत्र बालाकोट में एयर स्ट्राइक की। जिसमें गांव का लाल अमित भी शामिल रहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने शहीद अमित को एयर स्ट्राइक में अदम्य साहस के लिए पांच लाख रुपए की पुरस्कार राशि भी प्रदान की थी।

Martyr Amit Anthwal Father Feel proud on Son Funeral Funeral in pauri, He was in Balakot Air Strike, only Brother of two sisters
- फोटो : अमर उजाला

मंगलवार को पौड़ी से सेना के वाहन के माध्यम से शहीद अमित अण्थवाल का पार्थिव शरीर कोला गांव पहुंचा। शरीर के पहुंचे ही ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारें लगाने शुरु कर दिए। शहीद अमित के सबसे पहले अंतिम दर्शन पिता नागेंद्र प्रसाद, मां भगवती देवी, बहनों व परिजनों ने किया। अमित दो बहनों के इकलौते भाई थे।

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Martyr Amit Anthwal Father Feel proud on Son Funeral Funeral in pauri, He was in Balakot Air Strike, only Brother of two sisters
- फोटो : अमर उजाला

इसके बाद पार्थिव शरीर को  अंत्येष्टि के लिए पैतृक घाट ज्वाल्पा देवी ले जाया गया। अंतिम यात्रा मार्ग में लगातार भारत माता के जयकारें गूंजते रहे। शहीद अमित अमर रहे की गूंज भी वायुमंडल में गुंजायमान रही। शहीद की मंगेतर के पिता व भाई ने भी कोला गांव पहुंच शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

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Martyr Amit Anthwal Father Feel proud on Son Funeral Funeral in pauri, He was in Balakot Air Strike, only Brother of two sisters
- फोटो : अमर उजाला

पैतृक घाट ज्वाल्पा देवी में पुलिस व सेना  के जवानों के सलामी देने के बाद पिता नागेंद्र प्रसाद अण्थवाल ने शहीद पुत्र अमित को मुखाग्नि दी। शहीद की अंत्येष्टि में कफोलस्यूं पट्टी सहित अनेक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। गांव की सड़क भी अब उनके नाम से बनाई जाएगी।

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