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इनकम टैक्स विभाग ने रिटर्न में किए कई बदलाव, जान लीजिए वरना होना पड़ेगा परेशान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 31 May 2018 07:04 AM IST
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income tax
आयकर विभाग ने इस बार आयकर रिटर्न में कई बदलाव किए हैं। आयकर रिटर्न में वेतन भोगी करदाता को वेतन का मद वार ब्योरा देना होगा। इसके साथ ही कई और बदलाव भी किए गए हैं।
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आयकर विभाग के नए नियमों के मुताबिक 50 लाख सालाना आय वाले वेतनभोगी, संपत्ति से आय, सावधि ब्याज से आय के करदाताओं के लिए आईटीआर -1 ‘सहज’ निकाला है। इन करदाताओं को इस रिटर्न में आय-व्यय का ब्योरा देना होगा।
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इस बार रिटर्न में बदलाव किया गया है। पूर्व में सिर्फ कुल वेतन की रकम दर्शानी होती थी। इस बार वेतन में मदवार जैसे बेसिक वेतन, मकान भत्ता, वाहन भत्ता, मेडिकल, अन्य भत्ते आदि की पूरी जानकारी देनी होगी। मकानों, बैंक एफडी से मिलने वाले ब्याज की आय का भी जिक्र करना होगा।
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Money
- फोटो : रिटर्न से हटा नोट बंदी में जमा रकम का कॉलम
पूर्व में आयकर रिटर्न में नोट बंदी के दौरान जमा किये रुपयों का विवरण देने का एक कॉलम भी था। इसमें करदाता को नोट बंदी में जमा की गई रकम का ब्योरा देना था। इस बार नए रिटर्न में यह कॉलम हटा दिया गया है।
बुजुर्ग और पांच लाख से कम आय वाले जमा कर सकते हैं पेपर रिटर्न
सभी करदाताओं को आनलाइन आयकर रिटर्न जमा करने की अनिवार्यता है। सिर्फ 80 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग और पांच लाख से कम आय वाले ही पेपर रिटर्न जमा कर सकते हैं लेकिन 120 दिनों के भीतर रिटर्न की कापी बंगलुरु में भेजनी होगी।
वेतन भोगी करदाताओं के आईटीआर 1 है इसमें वेतन का समूचा विवरण जैसे बेसिक, गृह भत्ता वगैरह देना है। इससे रिटर्न में पारदर्शिता बढ़ेगी। करदाताओं के लिए सुविधा जनक रहेगा।
- अमन साह, सीए
बुजुर्ग और पांच लाख से कम आय वाले जमा कर सकते हैं पेपर रिटर्न
सभी करदाताओं को आनलाइन आयकर रिटर्न जमा करने की अनिवार्यता है। सिर्फ 80 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग और पांच लाख से कम आय वाले ही पेपर रिटर्न जमा कर सकते हैं लेकिन 120 दिनों के भीतर रिटर्न की कापी बंगलुरु में भेजनी होगी।
वेतन भोगी करदाताओं के आईटीआर 1 है इसमें वेतन का समूचा विवरण जैसे बेसिक, गृह भत्ता वगैरह देना है। इससे रिटर्न में पारदर्शिता बढ़ेगी। करदाताओं के लिए सुविधा जनक रहेगा।
- अमन साह, सीए