प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण के लिए भाजपा जिला कार्यकारिणी की ओर से विभिन्न जगहों पर व्यवस्था की गई थी। गंगोलगांव में नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान और मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह राणा के साथ ही पार्टी कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।
मन की बात में प्रधानमंत्री ने नीती-माणा की महिलाओं का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से भोजपत्र पर दी गई भेंट मेरे लिए जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। मैं इससे अभिभूत हूं।
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रविवार को मन की बात में प्रधानमंत्री ने देश में हो रहे अभिनव प्रयोगों का जिक्र किया जिसमें खासतौर पर नीती-माणा की महिलाओं की ओर से भेजे गए भोजपत्र की भेंट का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि प्राचीन काल में हमारे शास्त्र और ग्रंथ इन्हीं भोजपत्र पर सहेजे जाते रहे हैं। आज देवभूमि की महिलाएं इस भोजपत्र पर बेहद सुंदर स्मृति चिह्न और कलाकृतियां बना रही हैं।
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पीएम मोदी ने मन की बात में किया भोजपत्र का जिक्र
- फोटो : अमर उजाला
भोजपत्र की प्राचीन विरासत उत्तराखंड के जीवन में खुशहाली ला रही है। कहा कि उत्तराखंड सरकार भोजपत्र से नए-नए प्रोडक्ट तैयार करने के लिए प्रशिक्षण देने के साथ भोजपत्र की दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने का भी काम कर रही है। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. हिमानी वैष्णव ने बताया कि महिला मोर्चे की ओर से भी विभिन्न जगहों पर प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को सार्वजनिक रुप से प्रसारित किया गया।
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अभिनन्दन पत्र
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कुछ दिन पहले नीती माणा की महिलाओं ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने पीएम की पहल पर भोजपत्र पर शुरू किए गए काम का जिक्र किया था। मोदी 21 अक्तूबर 2022 को माणा गांव आए थे। तब महिलाओं ने भोजपत्र पर तैयार कलाकृति मोदी को भेंट की।
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माणा की महिलाओं ने भेजा था पीएम मोदी को भोजपत्र
- फोटो : अमर उजाला
मोदी ने जनजाति महिलाओं की खूब प्रशंसा की थी जिसके बाद प्रशासन की पहल पर स्थानीय महिलाओं को भोजपत्र पर लिखने और कलाकृति बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इससे उनकी अच्छी आय हुई।
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माणा गांव में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं ने भोजपत्र पर लिखी बदरीनाथ की आरती और एक आभार पत्र मोदी को भेजा। मोदी ने इस पत्र को लेकर ट्वीट भी था। इसके बाद भोजपत्र से बनने वाले उत्पादों की डिमांड भी बढ़ गई है।