फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mahashivratri: नीलकंठ महादेव में 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, तस्वीरों में देखें देवभूमि का ये रंग

Sat, 18 Feb 2023 02:18 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 18 Feb 2023 02:18 PM IST
विज्ञापन
Mahashivratri 2023 devotees Crowds gathered for Jalabhishek in temples Watch Photos
महाशिवरात्रि पर देहरादून टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

देवभूमि उत्तराखंड में रात से ही शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। भोलेनाथ की भक्ति में डूबे भक्तों की लंबी कतार जलाभिषेक के लिए मंदिरों के बाहर लगी है। ऋषिकेश में दोपहर 1.00 बजे तक 3.50 लाख शिव भक्तों ने नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। महादेव को पंचामृत से स्नान कराने के साथ ही बिल्व पत्र, भांग, धतूरा, फल-फूल आदि चढ़ा कर भोलेनाथ प्रसन्न किया जा रहा है।



श्रद्धालु आज पुण्य का लाभ ले रहे हैं। प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चौदस तिथि को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार इस तिथि की शुरुआत 18 फरवरी को शाम 05.55 बजे से होगा और अगले दिन 19 फरवरी को सुबह 3.32 बजे समापन होगा।

तीन अद्भुत  संयोग के पड़ने से इस महाशिवरात्रि बेहद खास हो गई है। व्रतियों का विशेष फल प्राप्त होगा। सूर्य और शनि की एक साथ कृपया होगी। पहला शनिवार होने के कारण शनि प्रदोष का योग बन रहा है तो इसी दिन स्वार्थ सिद्धि योग भी पड़ रहा है। वहीं तीसरा 30 वर्षों बाद सूर्य और शनि यानी पिता-पुत्र एक साथ शनि की कुंभ राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में इस महाशिवरात्रि का विशेष महत्व बन रहा है।

Mahashivratri 2023 devotees Crowds gathered for Jalabhishek in temples Watch Photos
रुड़की में महाशिवरात्रि पर सिविल लाइन स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
पंडित राकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।
Mahashivratri 2023 devotees Crowds gathered for Jalabhishek in temples Watch Photos
बागेश्वर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि इस दिन व्रत रहकर चार पहर भगवान शिव की पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जो मनुष्य वर्ष भर कोई उपवास नहीं कर पाता, उसे केवल शिवरात्रि का व्रत करने से वर्षभर के व्रत का पुण्य प्राप्त हो जाता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Mahashivratri 2023 devotees Crowds gathered for Jalabhishek in temples Watch Photos
रुद्रपुर के रमपुरा में शिव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर तीन अद्भुत संयोग बनने से यह त्योहार खास बन गया है।
विज्ञापन
Mahashivratri 2023 devotees Crowds gathered for Jalabhishek in temples Watch Photos
रुद्रपुर के पांच मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

इसमें पहला यह कि शनिवार के दिन शिवरात्रि पड़ने से शनि प्रदोष का संयोग बन रहा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed