लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपाई खेमे में जहां उत्साह और खुशी का माहौल हैं, वहीं कांग्रेस में गहरी निराशा छाई हुई है। लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री सहित तमाम बड़े भाजपा नेताओं ने हरीश रावत को ‘हारदा’ कहकर कटाक्ष किए थे। अब हार के बाद हरदा ने ट्वीट कर कहा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत जी आपने मेरे लिए पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि मैं हारदा हूं।
चुनाव हारने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को दी बधाई, ट्वीटर पर कही बड़ी बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यकीनन जो भाजपा की शानदार जीत हुई है, इससे सिद्ध कर दिया है कि मैं हारदा हूं। लेकिन एक भविष्यवाणी सही साबित होने जा रही है, मैंने कहा था कि रावत पूरे पांच साल। लगता है कि आप पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले नारायण दत्त तिवारी जी के बाद राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे। हालांकि उन्होंने भगत सिंह कोश्यारी पर भी ट्वीट से निशाना साधते हुए लिखा कि इस गीदड़ की मौत से ही 2022 में हाथ का परचम लहराएगा।
विधानसभा, निकाय और फिर लोकसभा चुनाव में हार के बाद अब पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। हालांकि करारी हार के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत ट्वीट करके मन छोटा नहीं करने की नसीहत देते हुए कार्यकर्ताओं से उनकी मेहनत को सफलता नहीं बदल पाने के लिए क्षमा मांगकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को बनाने और बढ़ाने में हमेशा उपलब्ध रहकर सहयोग करने की बात कही है।
नैनीताल लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के चुनाव लड़ने के बाद से कार्यकर्ताओं में जोश देखा जा रहा है। हरदा भी लगातार तराई भाबर की सीट पर सक्रियता बढ़ाकर चुनाव की जमीन तैयार करने में जुटो थे, बड़े कद और अनुभव वाले नेता के चुनाव लड़ने से कार्यकर्ताओं को भी पिछली हारों के बाद जीत की किरण नजर आ रही थी, लेकिन मोदी लहर में सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं और भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट ने रिकॉर्ड मतों से हरीश रावत को करारी शिकस्त दे डाली। प्रदेश में सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस का हार का सिलसिला सहकारिता, निकाय के बाद लोकसभा चुनाव में भी नहीं टूट सका है।
उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस के भाइयों-बहनों, आपने चुनाव में बहुत परिश्रम किया। मैं आपकी मेहनत को सफलता में नहीं बदल पाया, क्षमा चाहता हूं। मैने सोचा था कि मेरे चुनाव लड़ने से आगे पंचायतों और विधानसभा चुनावों में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में कांग्रेस को फायदा होगा। मेरा आंकलन पूर्णत: गलत सिद्ध हुआ। मैं हमेशा आपको उपलब्ध रहूंगा। कांग्रेस बनाने और आगे बढ़ाने में मेरा सहयोग आपके साथ है और रहेगा। उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं से हिम्मत रखें, पार्टी के लिए काम करने का आह्वान किया है। हालांकि तराई में भाजपा के हाथों लगातार बड़ी हारों से कमजोर हो रही कांग्रेस संगठन के लिए फिर से उबर पाना सोचनीय प्रश्न भी बन गया है।