लोग मेरे पास दिल्ली आते हैं, आज मैं उनके पास आया हूं: अमित शाह
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काफी कुछ कहने के लिए लोग उनके पास दिल्ली आते हैं, आज वह उनके पास पहुंचे हैं। वह सुनाने नहीं सुनने आए हैं। शाह ने यह तब कही जब एक पदाधिकारी अपनी बात कह रहे थे और शाह ने उन्हें बीच में टोकते हुए सलाह दी कि वे बात को लंबा खींचने के बजाय सीधे मुद्दे पर आएं और अपनी बात कहें।
जब उन्होंने यह नसीहत दी तो सभागार में ठहाका गूंज गया। तुरंत शाह ने प्रतिक्रिया दी कि वह किसी का उपहास उड़ाने नहीं आए जो लोग हंस रहे हैं। शाह ने बगैर थके ताबड़तोड़ बैठकें निपटाई।
बैठक के दौरान अनुशासन की कमान उन्होंने खुद अपने हाथों में थाम रखी थी। उनके आदेश पर केवल उन्हीं लोगों को बैठक में आने की इजाजत दी गई जिनसे संबंधित बैठक थी।