सोमवार को स्कूल में बच्चों को ताला लटका मिला तो बच्चों ने थाने पहुंचकर वहीं सड़क पर क्लास लगा दी। इसके बाद मकान मालिक ने ताला तो खोल दिया, लेकिन तस्वीरों में देखिए वहां का क्या हाल कर दिया।
स्कूल पर ताला लटके देख थाने पहुंचे बच्चे, तो देखिए मकान मालिक ने क्या कर दिया स्कूल का हाल
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सोमवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय 23 कुम्हारगढा कनखल में लगा ताला मंगलवार सुबह खुला मिला। मकान मालिक ने पुलिस में शिकायत होने पर विद्यालय की चाबी अधिकारियों को लौटा दी है। हालांकि विद्यालय अंदर से पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर संकट बरकरार है। मंगलवार को बच्चों को राजकीय कन्या हाईस्कूल कनखल में पढ़ाया गया। वहीं, जिलाधिकारी दीपक रावत ने खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल भवन की भूमि अपने कब्जे में रखने के निर्देश दिए हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय 23 कुम्हारगढा कनखल पर मकान मालिक ने दीपावली की छुट्टियों का फायदा उठाकर अपना ताला जड़ दिया था। साथ ही नगर निगम की ओर से स्कूल की बिल्डिंग के जीर्णोद्धार का नोटिस भी चस्पा करवा दिया था। सोमवार को प्रधानाध्यापिका उषा रावत समेत विद्यालय के बच्चों ने कनखल थाने में धरना देकर वहीं पढ़ाई की थी।
प्रधानाध्यापिका ने कनखल थाने में शिकायत की कि मकान मालिक की ओर से किसी भी तरह की जानकारी दिए बगैर कब्जा किया गया है। मंगलवार को मकान मालिक बैकफुट पर आ गया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मकान की चाबी सौंप दी। हालांकि विद्यालय पूरी तरह अंदर से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। छत समेत अन्य कमरों में भी तोड़फोड़ की गई। अब विद्यालय की हालत ऐसी हो गई है कि वहां पढ़ाई तो दूर बैठने तक की जगह नहीं है। तोड़फोड़ का मलबा विद्यालय के अंदर ही पड़ा है।
हालांकि मंगलवार को विद्यालय में मिड डे मील बनाया गया और बच्चों को भोजन माताओं ने एमडीएम परोसा। मंगलवार को शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में पास में स्थित राजकीय कन्या विद्यालय कनखल में बच्चों के लिए एक कमरा खुलवाकर वहां पढ़ाई करवाई। कन्या विद्यालय में एक ही कमरा दिया गया है और प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक 83 बच्चे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर छोटे से एक कमरे में 83 बच्चे कैसे पढ़ सकेंगे और कब तक। शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक बच्चों के भविष्य को लेकर कोई खासी योजना तैयार नहीं की गई है।