पुरानी कहानी को नए अंदाज में लोगों के सामने लाने वाली फिल्म लैला मजनू की एक्ट्रेस सिल्वर स्क्रीन तक कैसे पहुंची खुद उन्हीं से जान लीजिए...‘मैं दिल्ली के एक यू-ट्यूब चैनल के लिए काम करती थीं। साथ ही एक एजेंसी के लिए मॉडलिंग भी करती थीं। एक दिन मुझे मेरी एजेंसी ने स्क्रिप्ट भेजी। अगले दिन शाजिद अली से मुलाकात हुई और मुझे लीड के लिए चुन लिया गया।’
कुछ इस तरह शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्म ‘लैला-मजून’ की लैला (तृप्ति डिमरी) ने अपने इस सफर को सुनाया। वह कहती हैं ‘मैं लकी हूं कि बेहद जल्द इतना बड़ा बैनर मिल गया। इम्तियाज अली सर के भाई शाजिद अली फिल्म के निर्देशक हैं।
अब बालाजी के साथ ही कांट्रेक्ट साइन किया है।’ तृप्ति मूल रूप से गढ़वाल के गौचर स्थित नाग गांव की मूल निवासी हैं। बता दें कि इस फिल्म के एक गाने ‘गई काम से ये लड़की’ को द्वाराहाट के देव नेगी ने गाया है। तृप्ति ने मुंबई से फोन पर बताया कि लैला-मजनू में उनका किरदार एक कश्मीरी लड़की का है।
यह विशुद्ध रूप से 2018 की प्रेम कहानी है जो दर्शकों को पसंद आएगी। तृप्ति बताती हैं कि उत्तराखंड में टैलेंट कूट-कूटकर भरा है बस वहां के लोग संकोची होते हैं। अपने आप पर सवाल करना छोड़ दीजिए और आगे बढ़िए। परिवार में भी नए टैलेंट की पहचान नहीं हो पाती और न ही कैरियर के नए-नए फील्ड को लोग समझ पाते।
इस पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मेरा जन्म और परवरिश दिल्ली की है, लेकिन मुझे अगर कुमाऊंनी और गढ़वाली फिल्म से ऑफर आएगा तो मैं जरूर करना चाहूंगी। तृप्ति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अरबिंदो कॉलेज से बीए आनर्स किया है। उनके पिता एयर इंडिया में हैं और माता गृहिणी हैं। वह बताती हैं कि 2017 में वह नाग आई थीं। उनकी नानी भी उथिन गांव में रहती हैं।