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उत्तराखंड: साइबर ठगी के 84.70 लाख रुपये के मामले में महाराष्ट्र से आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
Fri, 30 Oct 2026 11:16 AM IST
Renu Saklani
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:16 AM IST
सार
साइबर ठगी के मामलों की जांच करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ की टीम महाराष्ट्र तक पहुंच गई। देहरादून में दर्ज दो मुकदमों में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया है।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
साइबर धोखाधड़ी के 84.70 लाख रुपये के मामले में वांछित आरोपी को एसटीएफ की साइबर टीम ने महाराष्ट्र के सांगली जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान यासीन युसूफ मनेर (45) निवासी मिरज, जिला सांगली, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। वह देहरादून के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दो प्राथमिकी में वांछित चल रहा था। एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से धोखाधड़ी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है।
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एसटीएफ के मुताबिक, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में वर्ष 2024 में दर्ज प्राथमिकी संख्या 75/2024 की जांच के दौरान यासीन युसूफ मनेर का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि सितंबर 2024 में शिकायतकर्ता ने आरोपी से जुड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में 29.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। यह खाता साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल की गई बैंकिंग लेयर में शामिल था।
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जांच में आरोपी की संलिप्तता सामने आने के बाद एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दूसरी प्राथमिकी संख्या 71/2024 में भी वांछित था। पुलिस ने उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन नोटिस मिलने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हुआ और जांच में सहयोग नहीं किया।
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इसके बाद एसटीएफ की साइबर टीम ने महाराष्ट्र के सांगली जिले में पहुंचकर आरोपी की तलाश शुरू की। सुरागरसी और पतारसी के बाद दबिश देकर उसे 26 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ के अनुसार, साइबर अपराधियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है।
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एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।