12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या का शाही स्नान है। सोमवती अमावस्या पितृ कार्यों के साथ भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करने के लिए महत्वपूर्ण होती है। सोमवती अमावस्या पर स्नान करने से 12 गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इसलिए 12 अप्रैल को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। मेला पुलिस-प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है। प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक शनिवार को जब अमावस्या होती ही तो शनिश्चरी अमावस्या कही जाती है। ये पितृ कार्यों के लिए होती है। मंगलवार को अमावस्या होने पर उसे भौमवती अमावस्या कहते हैं और इसमें कठोर कार्य किए जाते हैं। लेकिन सोमवार को अमावस्या होने पर सोमवती अमावस्या कहते हैं। कुंभ साल में इसकी महत्ता अधिक हो जाती है। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी बताते हैं सोमवती अमावस्या में स्नान और दान करने से समस्त पापों का नाश होता है। साथ में प्रचुर मात्रा में लक्ष्मी प्रदान करता है। 12 अप्रैल इस संवत का आखिरी दिन है। इस दिन सोमवती अमावस्या पूर्व के कुंभ वर्षों में देखने को नहीं मिलती है। इस दिन किया दान, पीपल की परिक्रमा, लक्ष्मी प्रदान करने वाली होगी। इस दिन कुंभ लग्न में किया हुआ स्नान 12 गुना फल देगा और कुंभ लग्न सुबह चार बजे से पांच बजे तक होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 12.45 भी स्नान किया जा सकता है।
हरिद्वार महाकुंभ 2021 : 12 अप्रैल का स्नान 12 गुना होगा फलदायी, ये है स्नान का शुभ मुहूर्त
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 11 Apr 2021 01:00 AM IST
सार
- सोमवार को अमावस्या होने पर सोमवती अमावस्या कहते हैं। कुंभ साल में इसकी महत्ता अधिक हो जाती है।
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