उत्तराखंड के कोटद्वार में टाइल फैक्टरी के मालिक प्रमोद प्रजापित के घर बदमाशों ने डकैती के दौरान महिलाओं से मारपीट या गाली गलौच नहीं की, बल्कि वारदात से सहमे वृद्धा समेत तीनों लोगों को गर्म पानी पिलाया। एएसपी प्रदीप राय को यह बात खुद पीड़ित महिलाओं ने बताई। डकैती के दौरान बदमाश पूजाघर में रखे पैसे और उनकी बेटी मानसी के गुल्लक के सात हजार रुपये भी ले उड़े। उद्यमी प्रमोद प्रजापति की पत्नी मुनेश देवी ने बताया कि बदमाश पूजाघर के चढ़ावे की नकदी भी ले गए।
प्रमोद ने बताया कि जिस वक्त डकैती पड़ी थी, उस समय गली में दूधवाला दूध लेने के लिए आवाज देता रह गया। यही नहीं सात बजे के बाद जैसे ही पानी आया पड़ोसियों ने मोटर चलाने के लिए आवाज लगाई लेकिन न तो कोई जवाब मिला, न कोई बाहर ही निकल सका। पड़ोसियों तक को घर में डकैती की भनक नहीं लग सकी। गली में भी सामान्य रूप से लोगों की आवाजाही बनी रही।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाश देवी रोड से पैदल ही गली के रास्ते घर पर पहुंचे। घर का गेट बंद होने के कारण एक बदमाश गेट से चढ़कर अंदर घुसा और मेन गेट खोला। गेट खुलने के बाद सभी बदमाश घर में दाखिल हो गए। उद्यमी प्रमोद की बेटी मानसी ने पुलिस को बताया कि बदमाशों के जाने के दौरान बाइक या वाहन के स्टार्ट होने की आवाज नहीं आई। बदमाश टहलते हुए यहां आए थे और अपने साथ एक थैला लाए थे, जिसमें रिवॉल्वर, पिस्टल और चाकू था।
उनके मुंह नकाब से ढके हुए थे। लूटपाट की घटना के बाद बदमाशों ने शोर मचाने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। आसपास के सीसीटीवी खंगालने पर पुलिस को यह बात पता चली कि बदमाश बाइक से घटनास्थल पहुंचे और बाइक से ही फरार हुए हैं। बदमाशों को दबोचने के लिए पुलिस ने छह टीमें लगा दी हैं। दोपहर बाद श्रीनगर से पुलिस की फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम भी कोटद्वार पहुंच गई, जिसने घर में सभी स्थानों पर फिंगर प्रिंट और आवश्यक सबूत एकत्र किए।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर यूपी के निवासी उद्यमी प्रमोद प्रजापति वर्ष 1995 से कोटद्वार में रह रहे हैं। घर में उनकी माता फुल्लो देवी, पहली पत्नी मुनेश देवी और बेटी मानषी रहती है। उनकी दूसरी पत्नी सतेश्वरी देवी अपने दो बच्चों के साथ ऋषिकेश में रहती हैं। पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि फैक्टरी से कोई भी उनके घर आता जाता नहीं था। पत्नी मुनेश देवी ने बताया कि बदमाश 23 से 28 साल के बीच के थे। एक बदमाश करीब चालीस साल का था। बदमाशों की बोली भाषा रुड़की और सहारनपुर इलाके की लग रही थी।