ज्योतिष शास्त्र में सबसे अशुभ माना जाने वाला केतु ग्रह मकर राशि में प्रवेश करने वालाा है। इससे इन राशि वालों के जीवन में कठिनाईयां बढ़ने वाली है।
मकर राशि में प्रवेश करने जा रहा ब्रह्मांड का सबसे 'अशुभ' ग्रह, इन राशियों पर पड़ेगा बुरा असर
केतु ग्रह बृहस्पतिवार सुबह 8:06 बजे अपनी चाल बदलकर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके चलते राशियों में नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव पढ़ेंगे। कहा जाता है की जब केतु की महादशा या अन्तर्दशा आती है तो व्यक्ति को कोई न कोई परेशानी अवश्य आती है।
केतु ग्रह 7 मार्च 2019 का मकर राशि में ही रहेगा। आध्यात्मिक ज्ञान की ओर ले जाने वाला केतु ग्रह इस यात्र को कठिन बना देगा। पंडित राम भूषण ने बताया कि केतु को लाभकारी और असुरक्षित दोनों तरह का ग्रह माना जाता है और ज्ञान, बुद्घि, तर्क और कल्पना के लिए एक प्रमुख कारक भी है और साथ ही हानिकारक ग्रह भी है। क्योंकि इसका कुंडली के सभी घरों पर विशेष रूप से 1,2,4,5,7,8,9 और 10 वें घर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, यह 3,6 और 11 वें स्थान पर घर होने पर सकारात्मक प्रभाव भी दिखेगा।
मेष - केतु इस राशि के दसवें घर पर अधिकार करेगा, जो कार्यों, कर्म और प्रतिष्ठा के लिए प्रमुख कारक हो सकता है। इसकी वजह से मेष राशि के जातकों को निराशा और कम एकाग्रता की भावन महसूस होगी जो कार्यस्थल पर कम उत्पादकता का कारण बन सकती है। इस समय के दौरान, आपको अपने करियर में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। साथ ही, इसका पारिवारिक रिशतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जो संघर्ष और झगड़े का कारण बनेगा।
वृषभ - केतु ग्रह राशि परिवर्तन के बाद वृषभ राशि में नौवें घर पर प्रवेश करेगा। जो भाग्य और धर्म का प्रतीक है। इसके प्रभाव से वृषभ राशि के जातक स्वभाव में अधिक रूढ़िवादी बन जाएंगे और धर्म को अधिक महत्व देने शुरू कर वृषभ राशि वाले अधिक आध्यात्मिक महसूस करेंगे और सांसारिक सुख छोड़ना चाहेंगे। सावधानीपूर्वक और विचार विमर्श करने के बाद किया गया निवेश अनेक लाभ प्रदान करेगा।
मिथुन - मिथुन राशि के लिए केतु ग्रह आठवें में पारगमन करेगा, जो उम्र और दीर्घायु का प्रतिनिधित्व करते हैं। मिथुन राशि वालों के लिए आध्यात्मिकता और ज्ञान प्राप्त करना प्रमुख महत्व होगा। अगर नकारात्मक पक्ष देखा जाए तो इस राशि वालों को नशे में ड्राइविंग करने से बचना होगा क्योंकि इससे एक घातक दुर्घटना हो सकती है। केतु के परिवर्तन की वजह से मिथुन राशि के जातक कठोर व्यवहार और दूसरों लोगों के रवैये में परिवर्तन का सामना भी कर सकते हैं। जिसके परिणामस्वरूप तनाव पैदा हो सकता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी विकसित हो सकती है, इसलिए एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखना जरूरी है।
कर्क - विवाहित जीवन का प्रतिनिधित्व करते हुए केतु कर्क राशि के सातवें घर में स्थान ग्रहण करेगा। जो की एक गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। विवाह संबंधी रिश्तों में छोटे - छोटे मुद्दे पर गंभीर गिरावट बन सकते है। पेशेवर मामले में, कैरियर ग्राफ में वृद्घि होे सकती है। इस दौरान बहुत सारे अवसर प्राप्त होंगे।