केरल में एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए पायलट दीपक वसंत साठे की पढ़ाई देहरादून में हुई थी। उन्होंने कैप्टन पिता की देहरादून में तैनाती के दौरान कैंब्रियन हॉल स्कूल से 10वीं, 11वीं की पढ़ाई की थी। शुक्रवार को विमान हादसे में उनकी मौत की खबर आई तो स्कूल प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई।
स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. एससी बियाला ने बताया कि 1966 में कैप्टन विकास दामोदर साठे की देहरादून में तैनाती हुई थी। उनके दो बेटे थे, जिनमें छोटे का नाम दीपक वसंत साठे था। दोनों बेटों की पढ़ाई देहरादून में ही हुई। इस बीच उनका तबादला हो गया और बच्चे भी यहां से चले गए।
दोबारा 70 के दशक में वे लौटकर देहरादून आए। उन्होंने फिर कैंब्रियन हॉल स्कूल में बच्चों का दाखिला कराया। दीपक वसंत साठे ने यहीं से 1975 में 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद 1976 में 11वीं की परीक्षा पास की तो पिता का फिर तबादला हो गया। लिहाजा, 11वीं तक की पढ़ाई करने के बाद दीपक भी यहां से चले गए। बाद में उनका चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुआ। एनडीए में उन्हें सर्वोच्च सम्मान सोर्ड ऑफ ऑनर भी मिला।
दीपक वसंत साठे के साथ यह दूसरा विमान हादसा था। कैंब्रियन हॉल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. बियाला ने बताया कि इससे पूर्व भी एक विमान हादसे में वह बाल-बाल बच गए थे। उनके दोबारा विमान उड़ाने की संभावनाएं भी खत्म हो गई थीं लेकिन अपने हौसले और हिम्मत के दम पर वह लौटकर आए थे।
दीपक वसंत साठे ने एयरफोर्स में लंबा समय बिताया था। उनको 11 जून 1981 को एयरफोर्स में कमीशन मिला था और 22 साल की सेवा के बाद 30 जून 2003 को रिटायर हुए थे। हलांकि वे रिटायरमेंट के बाद भी कॉमर्शियल एयरलाइंस कंपनी से जुड़े हुए थे। उन्होंने एयरफोर्स एकेडमी में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर जीता था और फाइटर पायलट बने थे।