केदारनाथ फिल्म की करीब एक महीने की शूटिंग पूरी कर सु्शांत सिंह राजपूत और सारा अली खान वापस मुंबई लौट गए। चलिए जानते हैं इस सफर की कुछ खास बातें...
फिल्म के निर्माता-निर्देशक अभिषेक कपूर हैं। यह फिल्म वर्ष 2013 में आई केदारनाथ आपदा पर आधारित है। यूनिट से जुड़े अमित मेहता ने बताया कि तीस दिन तक केदार घाटी में केदारनाथ, त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड, सोनप्रयाग और चोपता में शूटिंग की गई।
इस दौरान त्रियुगीनारायण में केदारनाथ आपदा में मिट चुका प्रमुख पड़ाव रामबाड़ा का सेट तैयार किया गया था। गौरतलब है कि आपदा में रामबाड़ा का नामोनिशान मिट गया था। यूनिट चार दिन केदारनाथ और दो दिन गौरीकुंड में रही। यूनिट में शामिल सुशांत और सारा समेत ढाई सौ लोगों की टीम शनिवार को मुंबई लौट गई। उन्होंने बताया कि फिल्म अगले वर्ष जुलाई तक रिलीज होने की संभावना है।
हिंदी फिल्म केदारनाथ स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मामले में भी खरी साबित हुई। जिले में एक माह की शूटिंग में फिल्म पर लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें करीब 3 करोड़ रुपये फिल्म में काम करने वाले स्थानीय लोगों, पोर्टर, घोड़ा-खच्चर संचालक और अन्य कारीगरों को मिले। फिल्म के जरिए आने वाले समय में बड़े बैनर की फिल्म व सीरियल शूट के साथ स्थानीय लोगों के लिए अच्छे रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
गॉय इन द स्काई पिक्चर्स बैनर तले अभिषेक कपूर के निर्देशन में शूट की गई फिल्म की त्रियुगीनारायण, केदारनाथ, चोपता, गौरीकुंड और सीतापुर में शूटिंग की गई। फिल्म यूनिट के साथ ऋषिकेश के 70 पोर्टर के अलावा जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों के 50 कारीगर जहां शूटिंग स्थल पर हर समय काम कर रहे थे।