केदारनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को मिथुन राशि और वृष लग्न पर सुबह 7 बजे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। इस दौरान हेलिकॉप्टर से मंदिर और भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी गीता धामी के साथ बाबा केदार की पूजा की।
कपाट खुलने के बाद धाम में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई। सेना की भक्तिमयी धुनों और भक्तों के जयकारों से केदारपुरी बाबा के जयकारों से गूंज उठी। धाम में कपाटोद्घाटन के लगभग 15 हजार शिव भक्त साक्षी बने।
केदारनाथ के कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। बृहस्पतिवार को मध्य रात्रि के बाद से यात्री मंदिर परिसर में जुटने लगे थे और शुक्रवार सुबह तक पूरा मंदिर परिसर भक्तों से भर चुका था। केदारपुरी बाबा के जयकारों, डोल, डमरू की आवाज से गूंजती रही। ठंड के बावजूद भक्तों का उल्लास अपने चरम पर रहा।
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केदारनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 5 बजे केदारनाथ मंदिर में भक्तों की भीड़ जुट चुकी थी। मंदिर के ऊपरी तरफ वाले आवासीय भवनों के छत और बरामदे भी खचाखच भरे थे। सुबह 7 बजे जैसे ही केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले गए पूरा मंदिर परिसर बाबा केदार के जयकारों से गूंज उठी।
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केदारनाथ धाम
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कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए उत्तराखंड सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक सहित अन्य प्रांतों से श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि केदारनाथ पहुंच रहे प्रत्येक श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन करे, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है।
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केदारनाथ धाम
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केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पुलिस के जवान यात्रियों को टोकन वितरित कर मंदिर में भेज रहे हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए यह व्यवस्था की गई है जिसे पुलिस और पर्यटन विभाग की ओर से संचालित किया जा रहा है।
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केदारनाथ धाम
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पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि टोकन वितरण के लिए दस काउंटर बनाए गए हैं। साथ ही टोकन नंबर स्क्रीन पर जारी किए जा रहे हैं। भक्तों को घंटों लाइन में न लगना पड़े इसके लिए टोकन की व्यवस्था की गई है।