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केदारनाथ: 16 किमी की दुर्गम राह पर कारोबार को नई रफ्तार दे रहे बेजुबान, गले में लगी चिप से इस बार मिली मदद

Wed, 25 Sep 2024 02:18 PM IST
रेनू सकलानी विनय बहुगुणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
विनय बहुगुणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 25 Sep 2024 02:18 PM IST
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Kedarnath Dham: animals are giving new impetus to business on 16 km difficult walking route
केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों पर आवाजाही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

16 किमी लंबे दुर्गम गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बेजुबान कारोबार को नई रफ्तार दे रहे हैं। इस वर्ष कपाट खुलने के बाद से अभी तक घोड़ा-खच्चर के संचालन से एक अरब, 12 करोड़ 43 लाख से अधिक का कारोबार हो चुका है।

इस दौरान 3,86,396 यात्री दोतरफा सवारी कर चुके हैं। यात्रा के लगभग 38 दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में कारोबार और अधिक होने की उम्मीद है। घोड़ा-खच्चर को केदारनाथ यात्रा की रीढ़ कहा जाता है। पैदल मार्ग पर यात्रियों को ढोने वाले इन जानवरों से 25 हजार से अधिक परिवार जुड़े हैं।

इस वर्ष मार्च-अप्रैल में पशुपालन विभाग ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर शिविर आयोजित कर 8,200 स्वस्थ घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया। जी-मैक्स कंपनी के प्रीपेड काउंटर के अनुसार, 10 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में 23 सितंबर तक घोड़ा-खच्चरों से 2,61,812 यात्री गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंच चुके हैं।

Kedarnath Dham: animals are giving new impetus to business on 16 km difficult walking route
केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इससे 83 करोड़, 77 लाख, 98 हजार 400 रुपये का कारोबार हुआ है। केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन के बाद अभी तक 1,24,584 यात्री घोड़ा-खच्चर से वापस गौरीकुंड आ चुके हैं। इससे 28 करोड़, 65 लाख 43 हजार 200 रुपये की धनराशि अर्जित हो चुकी है। इस तरह एक अरब, 12 करोड़, 43 लाख, 41 हजार, 600 रुपये का कारोबार हो चुका है।

Kedarnath Dham: animals are giving new impetus to business on 16 km difficult walking route
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों पर जाते यात्री - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बीते एक सप्ताह से मौसम में सुधार होने से यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। कपाट बंद होने में अभी 38 दिन का समय शेष है। ऐसे में घोड़ा-खच्चरों के संचालन से कारोबार का नया रिकार्ड बनने की उम्मीद है। वर्ष 2022 में घोड़ा-खच्चरों के संचालन से यात्रा में एक अरब नौ करोड़ और 2023 में एक अरब 25 करोड़ से अधिक की आय हुई थी। 

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केदारनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

चिप से मिली मदद

पशुपालन विभाग ने इस बार केदारनाथ यात्रा में संचालित हो रहे घोड़ा-खच्चरों के गले की त्वचा पर आरएफआईडी चिप लगाई है। इस चिप को यूएचएफ से स्कैन करने पर घोड़ा-खच्चर के स्वास्थ्य सहित उसके स्वामी और संचालक के बारे में जानकारी मिल रही है। चिप की मदद से जहां इस बार घोड़ा-खच्चरों के बारे में सही जानकारी प्राप्त हुईं, वहीं यात्रियों के साथ घोड़ा-खच्चर संचालकों के अभद्र व्यवहार और ठगी के मामलों में भी काफी कमी दर्ज की गई।

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केदारनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

मौत के मामलों में आई गिरावट

10 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में अभी तक सिर्फ 49 घोड़ा-खच्चरों की मौत हुई, जबकि वर्ष 2022 में 351 और 2023 में 126 घोड़ा-खच्चरों की मौत हुई थी।

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