पुलिस प्रशासन के लाख दावों के बावजूद इस साल भी कांवड़ यात्रा को कांवड़ पटरी से गुजारने का प्लान छह दिन में ही धड़ाम हो गया। सोमवार से ही कांवड़ियों का कारवां हाईवे पर आ गया। कांवड़ पटरी छोड़ शिवभक्त अब सीधे हाईवे पर आ गए हैं। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी अब कांवड़ यात्रा को हाईवे से गुजराने की योजना बना चुके हैं।
कांवड़ पटरी से कांवड़ियों को गुजारने के दावों की निकली हवा, हाईवे पर आया कांवड़ियों का कारवां
पुलिस प्रशासन की ओर से हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा को कांवड़ पटरी से ही गुजारने का प्लान तैयार किया गया था। दावे किए गए थे कि कांवड़ यात्रा कांवड़ पटरी से होकर ही गुजरेगी। हाईवे पर डाक कांवड़ के अलावा कोई कांवड़ नहीं चलेगी, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी नतीजा वही ढाक के तीन पात। सोमवार को यात्रा के छठवें दिन ही सारे दावों की हवा निकल गई और कांवड़ पटरी छोड़कर कांवड़िए हाईवे पर उतर आए। कांवड़ियों ने हरिद्वार से ही हाईवे का रुख कर लिया।
इससे कांवड़ पटरी सुनसान होने लगी है जबकि हाईवे पूरी तरह केसरिया रंग में रंग गई है। बड़ी तादाद में कांवड़ियों के हाईवे से गुजरने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपने दावों की हवा निकलते देख कांवड़ यात्रा को हाईवे से ही चलने के दिशा निर्देश देने लगे हैं। उनको भी समझ में आने लगा है कि कांवड़ियों के सैलाब का दबाव कांवड़ पटरी नहीं बल्कि हाईवे ही झेल पाने में सक्षम है।
हाईवे पर फोर्स की तैनाती
कांवड़ पटरी पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए लगाई गई फोर्स को अब हाईवे पर तैनात कर दिया गया है। प्वाइंट चिह्नित करने के बाद हाईवे पर फोर्स लगाई गई है। फोर्स की जिम्मेदारी होगी कि वह यातायात संतुलन बनाने का प्रयास करेंगी, लेकिन इस दौरान उन्हें संयम से काम लेना होगा। किसी भी प्रकार के विवाद से बचना होगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने फोर्स को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
पटरी पर छाने लगी मायूसी
कांवड़ यात्रा शुरू होने पर आसपास के लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद रहती है। लोग कांवड़ पटरी पर चाय, खाना, पानी, जूस समेत अन्य दुकानें सजाते हैं। शिवभक्त इन दुकानों पर आराम करने के साथ ही खाना पीना करते हैं, लेकिन इस बार मात्र कांवड़ यात्रा के शुरू होने के मात्र छह दिन बाद ही कांवड़ पटरी सूनी होने लगी तो दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी छाने लगी है। कई दुकानदारों ने कांवड़ पटरी छोड़कर अपनी दुकान अब हाईवे किनारे लगा ली है।