फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Terrorist Attack: तिरंगे में लिपटे भाई को देख बोली बहन-पापा रोना मत, ऐसा बलिदान हर किसी को नसीब नहीं होता

Thu, 11 Jul 2024 04:00 AM IST
अलका त्यागी चंद्रमोहन कोठियाल, जौलीग्रांट(देहरादून)
चंद्रमोहन कोठियाल, जौलीग्रांट(देहरादून) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 11 Jul 2024 04:00 AM IST
विज्ञापन
Kathua Terrorist Attack Martyr Vinod Funeral Sister Crying Badly with father and said Proud of my  Brother
बलिदानी की बहनें - फोटो : अमर उजाला

बलिदानी विनोद का पार्थिव शरीर लिए सेना का वाहन जैसे ही मार्ग से उनके घर की गली की तरफ मुड़ा तो बलिदानी के पिता की आंखों से आंसू टपक पड़े। उनकी बेटी ने उन्हें संभालते हुए कहा, पापा रोना मत, उधर देखो फौज के कितने छोटे-छोटे बच्चे (सैनिक) उनके बेटे को लेकर आ रहे हैं।



ऐसा बलिदान हर किसी को नसीब नहीं होता। पिता ने रूंधे गले से जवाब दिया- मैं बेटे के बलिदान पर नहीं बल्कि उसके बच्चों को देखकर परेशान हूं। बीर सिंह भंडारी ने अपने चार साल के पोते सारांश को काफी देर तक गले से लगाकर रखा।

पंचतत्व में विलीन हुए उत्तराखंड के पांच लाल: अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, हर आंख नम और जुबां पर जय-जयकार

Kathua Terrorist Attack Martyr Vinod Funeral Sister Crying Badly with father and said Proud of my  Brother
बलिदानी की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला

दादा सारांश को दुलारते हुए कह रहे थे कि इसके पास भी एक गन है। सारांश बड़ा होकर देश के दुश्मनों को मार गिराएगा। इतना कहते-कहते उनकी आंखें झरना बन जाती हैं। बलिदानी विनोद भंडारी के सम्मान में अठूरवाला और रानीपोखरी बाजार बंद रहा।

Kathua Terrorist Attack Martyr Vinod Funeral Sister Crying Badly with father and said Proud of my  Brother
बलिदानी की मां - फोटो : अमर उजाला

इस दौरान पूर्व सैनिक संगठन और लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। बलिदानी को सेना ने बैंड धुनों और शस्त्रों से अपने रिवाज से अंतिम सलामी दी। स्थानीय पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था चाक-चौबंद रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Kathua Terrorist Attack Martyr Vinod Funeral Sister Crying Badly with father and said Proud of my  Brother
बलिदानी के पिता - फोटो : अमर उजाला

बलिदानी विनोद भंडारी तीन बहनों के इकलौते भाई थे। दो बहनें घर पहुंच गई थीं, मझली बहन लंदन में रहती हैं। वह सूचना पाकर लंदन से रवाना हो चुकी हैं। वह बलिदानी भाई की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाईं।

विज्ञापन
Kathua Terrorist Attack Martyr Vinod Funeral Sister Crying Badly with father and said Proud of my  Brother
पत्नी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बलिदानी के चाचा शूरवीर सिंह भंडारी ने बताया कि बलिदानी के घर पर उनकी दो बहनें सीमा और संगीता पहुंच गई थीं। दूसरे नंबर की बहन नीमा लंदन से सूचना पाकर चल पड़ी हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed