कैलाश खेर की दमदार प्रस्तुति ने भरी सर्दी में भी युवाओं में जोश भर दिया। मैं तो तेरे प्यार में दिवाना हो गया गीत पर युवा जमकर झूमे। तस्वीरें देखिए...
आकर्षक इंद्रधनुषीय प्रकाश, शानदार छटा और दमदार साउंड, पीछे बड़ी स्क्रीन। सूफी गायक कैलास खेर की आवाज का जादू और उसे सराहने के लिए युवा जोश। कुछ ऐसा ही नजारा था पं. गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि के दीक्षांत समारोह स्थल का। मौका था स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस पर आयोजित कैलास नाइट का।
कंपकंपाती ठंड के बीच शुक्रवार शाम चार बजे से ही श्रोता पंडाल में जमा होने शुरू हो गए थे। निर्धारित समय पांच बजे से ठीक एक घंटा बीस मिनट की देरी से पहुंचे पद्मश्री सूफी गायक कैलास खेर ने आते ही समा बांध दिया। मैं तो तेरे प्यार में दिवाना हो गया ..., गाने से श्रोताओं को ऐसी दिवानगी चढ़ी की जो जहां था, वहीं थिरकने लगा।
इसके बाद उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में तौबा-तौबा रे तेरी सूरत ... मासा अल्लाह रे तेरी सूरत ... से महफिल में चार चांद लगा दिए। बाहुबली फिल्म का गाना कौन है वो कहां से आया ... गाया तो माहौल एक बार फिर बदल गया। उसके बाद मिल के हम न मिले तुमसे न जाने क्यों ... पिया के रंग, रंगदीनी ओढ़नी ... गाने के तड़के से युवा जहां-तहां थिरकने लगे।
तेरे नाम से जी लूं, तेरे नाम से मर जाऊं गाने ने भी खूब तालियां बटोरी। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ रहा था न श्रोताओं का उत्साह कम हो रहा था, न कैलास का नाम कम हो रहा था। कैलास खुद मंच पर थिरक रहे थे और उनका साथ दे रही थी हजारों की भीड़। श्रोताओं की चाहत पर अपने चिर-परिचित गाने बगड़ बम, बगड़ बम ढोल बजदा और अल्लाह के बंदे हंसदे, तू जो छू ले प्यार से गाने से भी धूम मचाई।