करीब तीन किमी क्षेत्रफल में फैला जोशीमठ शहर आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। शहर में स्थित 12 हजार 398 घरों में से 603 घरों में दरारें आ चुकी हैं। इनमें ऐसे कितने घर हैं, जो अब रहने के लिहाज से पूरी तरह से असुरक्षित हैं, स्थानीय प्रशासन की ओर से इसका सर्वेक्षण किया जाएगा। शासन की ओर से इस संबंध में शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है।
Joshimath Sinking: तेजी से बढ़ रहीं दरारें, 603 पहुंची भू-धंसाव की चपेट में आए घरों की संख्या, NDRF तैनात
जोशीमठ में अपर बाजार में स्थित लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में भी गहरी दरारें आ गई हैं और भवन खतरे की जद में आ गया है। लोनिवि के इस गेस्ट हाउस में अक्सर वीआईपी के रुकने की व्यवस्था होती है लेकिन यह भी भू-धंसाव के प्रभाव से अछूता नहीं रहा। इसकी दीवारों, सीढ़ियों सहित कमरों में बड़ी-बड़ी और गहरी दरारें पड़ गई हैं और इसे बंद कर दिया गया है। वहीं अस्पताल, तहसील परिसर के भवन और बीएसएनएल के भवनों में भी कुछ दिन पहले दरारें आनी शुरू हो गईं थीं।
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने रविवार को मारवाड़ी वार्ड में प्रभावितों के घर जाकर उनसे मुलाकात की। डीएम ने कहा कि दरारों वाले घरों में रहना सुरक्षित नहीं है। इसलिये यहां न रहें। प्रशासन ने रहने के लिए व्यवस्था की है वहां शिफ्ट हो जाना चाहिए। डीएम ने कहा कि जिन मकानों में दरारें आ गई हैं उनको खाली किया जाए। प्रशासन ने होटल, होम स्टे व अन्य सुरक्षित स्थानों को चिह्नीत किया है और वहां सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जो लोग किराये के भवन में जाना चाहते हैं उनको सरकार छह महीने तक प्रति माह चार हजार रुपये देगी।
डीएम ने आपदा राहत कार्यों के लिए नियुक्त किए सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए जो लोग अभी तक शिफ्ट नहीं हुए हैं उनको तत्काल शिफ्ट किया जाए। कोई भी व्यक्ति असुरक्षित भवन में न रहे। साथ ही शिविरों में नियुक्त सेक्टर व जोनल अधिकारियों को वहां पर सभी जरूरी सुविधाएं देने के निर्देश दिए। कोई आवश्यकता होने पर तत्काल संज्ञान में लाने के लिए कहा।
इन भवनों में आई हैं दरारें
वार्ड का नाम- भवनों की संख्या
गांधीनगर - 34
पालिका मारवारी- 28
लोवर बाजार- 24
सिंहधार- 56
मनोहरबाग- 80
अपर बाजार - 31
सुनील - 38
परसारी - 51
रविग्राम - 161
कुल - 603