भू-धंसाव से एशिया के सबसे बड़े जोशीमठ-औली रोपवे भी खतरे की जद में है। स्थिति यह है कि रोपवे का एक टावर प्रशासन की ओर से असुरक्षित घोषित किए क्षेत्र में है जिसके चलते रोपवे को लेकर भी आशंकाएं तेज हो गई हैं।
Joshimath Sinking: खतरे की जद में एशिया का सबसे लंबा जोशीमठ-औली रोपवे, 678 हुई असुरक्षित भवनों की संख्या
अब प्रशासन के सामने जल्द इन घरों को खाली कराने की है, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। सोमवार को 13 परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर आसरा दिया गया। शहर में स्थित 12,398 घरों में से अब तक 678 घरों में दरारें दस्तक दे चुकी हैं। उधर, प्रशासन की टीम उन घरों को चिह्नित करने के काम में लगी है, जो रहने के लिहाज से पूरी तरह से असुरक्षित हैं। शासन ने अगले दो दिनों में सर्वे कर इस काम को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक 81 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित कर दिया गया है। इनमें 68 परिवार रविवार तक विस्थापित कर दिए गए थे, जबकि 13 परिवारों को सोमवार को विस्थापित किया। इधर, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा का कहना है कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पहली प्राथमिकता है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
इन भवनों में आई हैं दरारें
वार्ड का नाम भवनों की संख्या
गांधीनगर 134
पालिका मारवारी 35
लोवर बाजार 31
सिंहधार 72
मनोहरबाग 101
अपर बाजार 36
सुनील 53
परसारी 55
रविग्राम 161
कुल 678
यहां ठहराया गया है विस्थापित परिवारों को
अस्थायी निवास परिवारों की संख्या
नगर पालिका परिसर 18
प्राथमिक विद्यालय जोशीमठ 04
गुरुद्वारा जोशीमठ 09
सिंचाई विभाग कॉलोनी 01
टूरिस्ट हॉस्टल, मनोहरबाग 02
राजीव गांधी आ. वि. 01
प्राथमिक विद्यालय सिंहधार 03
होटल शैलजा 03
होटल श्रीमन पैलेस 05
विवेक लॉज 03
होटल सैफायर 02
होटल द्रोणगिरी 07
काली कमली धर्मशाला 04
होटल तथास्तु 06
अन्य भवनों में/रिश्तेदारों के यहां-13
कुल - 81