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जम्मू ग्रेनेड अटैक: घर से निकलते वक्त मां ने कहा था बेटा पहुंचकर फोन करना, आई तो सिर्फ मौत की खबर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 08 Mar 2019 05:25 PM IST
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
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जम्मू कश्मीर के ग्रेनेड अटैक में मारे गए शारिक की मां मेहराज ने उसे रवाना करते हुए कहा था कि जम्मू पहुंचने पर फोन कर सूचना देना। मां शारिक के फोन का इंतजार कर रही थीं। जैसे ही घर पर कॉल पहुंची तो मां और बहनों ने सोचा कि शारिक अपने पहुंचने के जानकारी दे रहा होगा। उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि जिस कॉल को वह शारिक के सकुशल पहुंचने की सोच रहे थे, वह शारिक की मौत की खबर सुनाएगी।
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
बताया जा रहा है कि जम्मू ब्लास्ट में शारिक के मामा साजिद, कलियर के तेलीवाला निवासी गुलफाम समेत उनके साथ जम्मू गए सहारनपुर के गागलहेड़ी निवासी दोनों युवक भी घायल हो गए हैं। शारिक के मामा के परिवार के लोग हादसे की सूचना मिलते ही जम्मू रवाना हो गए हैं।
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि शारिक का परिवार बेहद गरीब है। पिता की मौत के बाद परिवार को चलाने के लिए शारिक और उसके भाई आरिफ के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन दोनों भाइयों ने इस चुनौती का बहादुरी से सामना किया और परिवार को चलाने के लिए दिनरात मेहनत करने पर जुट गए। दोनों की मेहनत भी रंग लाई और परिवार खुशहाली की तरफ बढ़ने लगा था, लेकिन इस बीच शारिक की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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मृतक मो. शारिक
शारिक की मौत की खबर ने उसकी मां मेहराज को बुरी तरह तोड़ दिया है। उनका रो-रोकर बुरा हाल है तो वह उस घड़ी को भी कोस रही हैं, जिस घड़ी में बेटे को जम्मू के लिए रवाना किया था। शारिक की मां मेहराज रोते-बिलखते बस यही कर रही हैं कि देश में गरीबों के बच्चे ही मारे जा रहे हैं।
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blast
- फोटो : अमर उजाला
शारिक के परिवार ने जो सपने देखे थे, वह उसकी मौत के बाद पूरी तरह बिखर गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शारिक बेहद मेहनती और सरल स्वभाव का था। अक्सर कहता था कि वह अपने पिता की मौत के बाद परिवार को हर खुशी देना चाहता है। वह अपनी बहनों के लिए भी बहुत करेगा और परिवार को संपन्न परिवार बनाएगा। साथ ही परिवार को एक नया घर बनाकर देगा, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था।
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