स्वस्थ्य शरीर और निरोगी काया के लिए योग अतिआवश्यक है। अपने नियमित दिनचर्या में योग को शामिल करने से आप संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से बच सकते हैं। योग के बिना स्वस्थ्य शरीर की कल्पना नहीं की जा सकती है, यह कहना है स्वामी जीतानंद महाराज का। जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में स्वामी जीतानंद महाराज साधकों को हठयोग की शिक्षा दे रहे हैं। वर्ष 2017 से वह इस महोत्सव में बतौर योगाचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं। 62 वर्षीय योगाचार्य ने बताया कि बिना योग के कुछ भी संभव नहीं है। बताया कि वह दो घंटे में 60 हजार से अधिक प्राणायाम की मुद्राएं कर सकते हैं। तीर्थनगरी में उनका स्वामी जीतानंद के नाम से योग संस्थान है। जिसमें उनके कई शिष्य उनसे हठयोग की शिक्षा ले रहे हैं। कहा कि वह वामदक्षिण मुद्रा, चीलआसन, तालयुक्त संकोचिनी मुद्रा, बारकोड कटिबद्ध आसन, विपरीत्तपाद महामुद्रा, अतिविशिष्ठ दिव्य महामुद्रा आदि का अभ्यास कराते हैं। कहा कि उनके सभी प्रकार के आसन युवा, बुजुर्ग और बच्चे कर सकते हैं। स्वामी जीतानंद महाराज ने कहा कि वर्ष 2002 से अब तक उन्होंने गुजरात, मुंबई, दिल्ली, तमिलनाडु आदि जगहों पर योग साधकों को योग की शिक्षा दी है।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: हठयोग की शिक्षा दे रहे स्वामी जीतानंद, तस्वीरों में देखें अद्भुत योग मुद्रा
मनोज राणा, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 03 Mar 2021 02:32 PM IST
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