नेपाल के प्रसिद्ध व्यंजन, दालें ऑले, छुरपी, गुंदरुक रविवार को दून पहुंच गए। परेड ग्राउंड में शुरू हुए पहले इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर में पहले ही दिन ऐसे कई नेपाली उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। यह फेयर 12 मार्च तक चलेगा। रविवार की शाम इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर का शुभारंभ सीएम हरीश रावत ने किया। उन्होंने मेले के आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नेपाल की छवि दिखाई देती है।
देहरादून में पहली बार लगा इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर, तस्वीरों में देखें...
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल और उत्तराखंड के आदरणीय देव एक ही हैं। जहां नेपाल में पशुपति नाथ हैं तो वहीं उत्तराखंड में केदारनाथ हैं। हमारा सांस्कृतिक रिश्ता है। इस मौके पर कंचनपुर चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सुरेश रावल ने नेपाल व अपनी संस्था की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि यह पहला मौका है जब नेपाल और उत्तराखंड में इस तरह के मेले का आयोजन किया गया है। फेस्ट की शुरुआत नेपाली कलाकारों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुई। रियल होस्ट के निदेशक संजय सिंह ने बताया कि फेस्ट में लोग नेपाल से कई कलाकार दून पहुंचे है।
मेले में हस्तशिल्प की प्रदर्शनी, औद्योगिक उत्पाद, निर्यात उत्पाद, कृषि उत्पादन आधारित उत्पाद एवं दोनों देशों के पर्यटक स्थलों के प्रति लोगों का विशेषकर रुझान दिखाई दिया। इस मौके पर पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा, राजपुर रोड विधायक राजकुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, स्टेट उघोग अध्यक्ष गौरव कुमार, गोदावरी थापली, प्रेम सिंह भाट, सूर्य विक्रम शाही, विशाल थापा, पूजा नंदिका बिष्ट, दीपक जैन, रमेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
यह है मेले में खास
गुंदरुक - मूली, आलू, गोभी को सुखाकर उसकी सब्जी बनाई जाती है।
छुरपी - याक का दूध होता है। उसे उबालते हैं। उसके बाद सूखाते हैं। इसके छोटे-छोटे टुकड़े काटकर सुपारी की तरह चबाते हैं।
ऑले - यह एक किस्म की दाल होती है। इसे पीसते हैं, सुखाते हैं और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में बनाते हैं।
यह भी खास आकर्षण - सेल रोटी, नेपाली मोमो, नेपाली पोशाक, पशमीना और बैग आदि।