नेपाल के भारत विरोधी माहौल की तपिश उत्तराखंड के टनकपुर से लगी सीमा तक पहुंच गई है। बुधवार को नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव कस्बे में वहां के नागरिकों ने विवादित नो मैंसलैंड पर तारबाड़ लगाने की कोशिश की, जिसे एसएसबी ने रोक दिया। जवाब में नेपाली नागरिकों ने भी एनएचपीसी द्वारा शारदा तटबंध में किए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य को भी रोक दिया।
टनकपुर से लगी नेपाल की ब्रह्मदेव सीमा पर स्तंभ संख्या 811 गायब है। इसे लेकर नेपाल के साथ सीमा विवाद चला आ रहा है। एसएसबी के मुताबिक नेपाल के नागरिकों ने दो दिन पूर्व ब्रह्मदेव बाजार के प्रवेश स्थल के समीप उत्तरी छोर पर खाली भूमि में पौधरोपण किया था। बुधवार को उन्होंने सीमेंट के स्तंभ गाड़कर तारबाड़ की तैयारी की थी।
पता चलने पर शारदा बैराज बीओपी इंचार्ज बुद्धिप्रकाश फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और उक्त भूमि के विवादित होने का हवाला देते हुए तारबाड़ का काम रोकने को कहा। वहां एकत्र नेपाली नागरिकों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए ब्रह्मदेव के समीप शारदा तटबंध में एसएचपीसी की ओर से शारदा तटबंध में कटाव की रोकथाम को ट्रेटापोट (त्रिभुजाकार आरसीसी ब्लॉक) डालने का काम भी रुकवा दिया।
उन्होंने कहा कि जब सीमा का विवाद है तो ब्रह्मदेव के समीप भारत की ओर से भी कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। बताया गया कि इस दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। मामले की सूचना पर दोपहर बाद सितारगंज मुख्यालय से एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट मुरारी लाल सीमा पर पहुंचे।
उन्होंने नेपाली नागरिकों से वार्ता कर उन्हें समझाने की कोशिश की। एसएसबी अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सीमा पर हालात सामान्य है। इधर एसडीएम दयानंद सरस्वती का कहना है कि इस मामले की उनके पास कोई जानकारी नहीं है।