नोट बंदी के बाद अब कालेधन को बाहर लाने की मंशा में आड़े आ रहे कानूनों को बदलने की कवायद शुरू हो गई है।
धरी रह जाएंगी सारी ट्रिक, अब नहीं कर पाएंगे कालेधन को सफेद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अधिसूचना जारी करके सभी बैंक और डाकघरों को कहा है कि नौ नवंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा होने वाले धन के संबंध में सूचना जनवरी माह में ही देनी होगी। अभी तक यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर की जाती थी।
‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में ऐसे ही कुछ नियमों के बाबत खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसमें आयकर कानूनों की आड़ में कालेधन को सफेद करने के इंतजाम करने संबंधी जानकारी दी गई थी।
अभी तक एक वित्तीय वर्ष में किसी बचत खाते में दस लाख रुपये से अधिक नकद जमा करने की दशा में आयकर विभाग को बैंकों द्वारा सूचना भेजे जाने का प्रावधान था। मगर आठ नवंबर को नोट बंदी के बाद 31 दिसंबर तक के बीच में नकद जमा की सीमा ढाई लाख रुपये कर दी गई।
सरकार की ओर से कार्रवाई की बात मुंहजबानी की जा रही थी, मगर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने नियमों में संशोधन की कोई अधिसूचना जारी नहीं की थी। इसके अलावा पेनाल्टी और टैक्स ऑडिट से छूट संबंधी नियमों में किसी प्रकार के परिवर्तन की कोई सूचना आयकर विभाग द्वारा लिखित में नहीं दी गई है।